रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (जीएमएच) के गायनी विभाग में डॉक्टरों के बीच जारी विवाद अब और गहराता जा रहा है। एक तरफ डॉक्टर पूजा गंगवार ने विभागाध्यक्ष डॉ. बीनू सिंह पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाकर इस्तीफा दे दिया, वहीं दूसरी ओर डॉ. बीनू सिंह न
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डॉ. पूजा गंगवार ने लगाया प्रताड़ना का आरोप
डॉ. पूजा गंगवार ने दावा किया कि उन्हें विभागाध्यक्ष लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रही थीं। इस वजह से उन्होंने 28 अक्टूबर को एक महीने का नोटिस देकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन, अगले ही दिन 29 अक्टूबर को जब उनकी ड्यूटी फिर से लगाई गई, तो उन्होंने विरोध जताया और ड्यूटी में कटौती की मांग की।
अस्पताल प्रशासन का जवाब — आरोप झूठे
अस्पताल प्रशासन ने इस पूरे मामले पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि विभागाध्यक्ष पर लगाए गए सभी आरोप झूठे और भ्रामक हैं।प्रशासन ने बताया कि 2 नवंबर को डॉ. गंगवार की ड्यूटी के दौरान एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया था, जिस पर उनसे जवाब मांगा गया था। इसके बाद 7 नवंबर को इसी मामले में सीएम हेल्पलाइन पर तीन शिकायतें दर्ज हुईं। लेकिन डॉ. गंगवार ने जवाब देने के बजाय उसी दिन दोपहर में इस्तीफा दे दिया।
विभागाध्यक्ष बोलीं — छुट्टी पर जाने की जिद कर रही थीं
डॉ. बीनू सिंह ने कहा कि डॉ. पूजा गंगवार लंबे समय से छुट्टियों पर थीं और फिर छुट्टी की मांग कर रही थीं।विभाग में पहले से तीन डॉक्टर छुट्टी पर थे, ऐसे में उन्हें छुट्टी देना संभव नहीं था। यही कारण था कि उन्होंने कार्य से बचने के लिए झूठे आरोप लगाए।
डीन ने दी सफाई
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि गायनी विभाग की तीन डॉक्टर — कल्पना यादव, सरिता सिंह और पूजा गंगवार ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है। इनमें से दो डॉक्टर निजी प्रैक्टिस भी करती हैं।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
इस मामले पर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं। प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा कि “जब डॉक्टर आपस में ही झगड़ रहे हैं, तो मरीजों का इलाज कैसे होगा?”उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि डॉक्टरों के बीच समन्वय की कमी के कारण मरीजों को नुकसान हो रहा है।