मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार और प्रधान जिला न्यायाधीश प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में ‘न्यायोत्सव – विधिक सेवा सप्ताह’ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को सीधी जिले की तहसील विधिक सेवा समिति रामपुर नैकिन के सह
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इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सेवाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाना था। इसके माध्यम से नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया, ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।
शिविर में प्रतिभागियों को घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, साइबर सुरक्षा, बाल श्रम, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और श्रमिकों के अधिकारों से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, उन्हें आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और आयुष्मान कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के तरीके भी बताए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार शिवहरे ने इस अवसर पर कहा कि मजदूरों को सुरक्षा, वेतन और शिकायत निवारण के अधिकारों की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि हर व्यक्ति को न्याय पाने का समान अवसर मिलना चाहिए और कोई भी नागरिक आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय से वंचित नहीं रहना चाहिए।
जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक ने श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी, ई-श्रम कार्ड, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 और मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
तहसील समिति अध्यक्ष परमानन्द सानोड़िया ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर व्यक्ति के द्वार तक पहुँचना चाहिए। न्यायिक मजिस्ट्रेट अरहम खान ने इस बात पर बल दिया कि विधिक जागरूकता ही समाज में न्याय, समानता और सशक्तिकरण की कुंजी है।
