खरगोन जिले में किसानों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर जैविक कपास बेचने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। खरगोन एसपी ने बताया कि जांच जारी है और सभी दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अरुण पाटीदार (ख
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किसानों की सहमति के बिना तैयार किए डॉक्यूमेंट झिरन्या क्षेत्र के किसानों ने शिकायत की थी कि उनकी सहमति के बिना आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज और अंगूठों के निशान का उपयोग करके फर्जी ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट, बिल और भुगतान रसीदें तैयार की गईं।
पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर किसानों ने इंदौर हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने 31 जुलाई 2025 को पुलिस को 60 दिनों के भीतर जांच पूरी कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने पर, किसानों ने 6 अक्टूबर को एएसपी बिट्टू सहगल को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी।
कुछ महीने पहले कुछ संस्थाओं को नोटिस जारी किए पुलिस अब किसानों की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले की जांच कर रही है। इस दौरान कई अन्य व्यक्तियों और आईसीएस (ICS) समूहों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। एसपी ने बताया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह भी सामने आया है कि जिला प्रशासन ने कुछ महीने पहले कुछ संस्थाओं को नोटिस जारी किए थे, लेकिन उसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। आरोप है कि कुछ फर्मों का संचालन प्रभावशाली लोग कर रहे हैं।
एसपी रवींद्र वर्मा ने पुष्टि की कि हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। भीकनगांव एसडीओपी इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी नए नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा।