गधों पर लिखा- मंदसौर का मास्टर प्लान मैंने बनाया: रैली निकालकर प्रदर्शन किया; नगर के लोगों को नजरअंदाज करने का आरोप – Mandsaur News

गधों पर लिखा- मंदसौर का मास्टर प्लान मैंने बनाया:  रैली निकालकर प्रदर्शन किया; नगर के लोगों को नजरअंदाज करने का आरोप – Mandsaur News


मंदसौर में प्रशासन द्वारा जारी किए गए मास्टर प्लान 2041 का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले कुमावत समाज और कांग्रेस का विरोध सामने आया था, अब शनिवार को शहर में अनोखी “गधों की रैली” निकालकर विरोध जताया गया।

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शनिवार दोपहर खानपुरा शनि मंदिर से लगभग 15 गधों की रैली ढोल-ढमाकों के साथ निकली। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गांधी चौराहा पहुंची, जहाँ इसे सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में बदला गया।

गधों पर तंज भरे पोस्टर- मंदसौर का मास्टर प्लान मैंने बनाया हर गधे के ऊपर व्यंग्यात्मक पोस्टर लगाए गए, जिन पर लिखा था कि मंदसौर का मास्टर प्लान मैंने बनाया। विरोध करने वालों का कहना है कि मास्टर प्लान जनता की आवश्यकताओं व जनभावनाओं को नजरअंदाज करता है। रैली आयोजकों के मुताबिक ऐसा मास्टर प्लान बनाने वाला समझदारी नहीं, गधेपन का परिचय देता है।

गधे की मालिक बोली— हमें कुछ नहीं पता, सिर्फ मजदूरी की रामकन्या बाई, जो गधों की मालिक हैं, ने कहा—“हमें नहीं मालूम गधों पर क्या लिखा है। हमें मजदूरी देकर कहा गया था खानपुरा से गांधी चौराहा तक चलना है। हम पढ़े-लिखे नहीं हैं।”

कुछ दिन पहले कुमावत समाज ने गांधी चौराहे पर दो दिन का धरना दिया था और बड़ी रैली निकालकर मास्टर प्लान निरस्त करने की मांग की थी।कांग्रेस भी इस प्लान को लेकर अपना विरोध दर्ज करा चुकी है।

विरोध की मुख्य वजहें 100 फीट चौड़ी सड़क से यशनगर और मेघदूत नगर प्रभावित। सुशासन भवन के पास प्रस्तावित 100 फीट चौड़ी सड़क से दोनों कॉलोनियों में कई भवन, भूखंडसीधे प्रभावित होंगे। केशवकुंज को ग्रीन बेल्ट दिखाना अनुचित।

विरोधकर्ताओं का दावा है कि केशवकुंज क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट दिखाया गया है। जबकि यह पूरी तरह विकसित आवासीय क्षेत्र है। यह निर्णय व्यावहारिक नहीं माना गया।

नरसिंहपुरा क्षेत्र की कुमावत समाज की जमीन को कृषि श्रेणी में रखा गया। जबकि रेवासदेवड़ा रोड लगातार आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्र में बदल रहा हैमांग है कि इन जमीनों को भी आवासीय श्रेणी में लाया जाए। तैलिया तालाब का संरक्षण ज़रूरी। स्थानीय लोग तालाब के संरक्षण पर स्पष्ट प्रावधान की मांग कर रहे हैं।

32 गांवों के निवेश क्षेत्र का समग्र विकास हो मंदसौर मास्टर प्लान में 32 गांव शामिल हैं।विरोध करने वालों का कहना है कि इन क्षेत्रों के समग्र विकास पर जरूरी फोकस नहीं है। नालछा गांव में प्रस्तावित नया बस स्टैंड नगर सीमा से काफी दूर है। लोगों को इससे असुविधा होगी। इसपर पुनर्विचार की मांग की जा रही है।

विरोधकर्ताओं ने कहा है कि मास्टर प्लान 2041 लागू करते समय जनता के हितों को सबसे ऊपर रखा जाए।असंगत फैसलों को हटाकर संशोधित प्लान लाया जाए।



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