संदीपनी स्कूल बिल्डिंग निर्माण के लिए गर्ल्स स्कूल की बिल्डिंग को बंद करना पड़ा।
मप्र के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सांदीपनि सीएम राइज स्कूल ड्रीम प्रोजेक्ट पचमढ़ी में पूरा होना संभव नहीं है। जिस जगह पर बिल्डिंग का निर्माण होना है। उसकी लीज 40 साल पहले ही खत्म हो चुकी है।
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रक्षा मंत्रालय से लीज नहीं बढ़ पाने से काम डेढ़ साल से बंद पड़ा है। लीज न बढ़ने की वजह स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्रालय सचिव और सेंट्रल डिफेंस डीजी के बीच बातचीत न हो पाना है। जिस वजह से डेढ़ साल से काम बंद पड़ा है। जिस वजह से ठेकेदार और पीआईयू का नुकसान हो रहा।
पीआईयू ने तो अब शासन को पत्र लिख पचमढ़ी की सांदीपनि सीएम राइज स्कूल की बिल्डिंग का ठेकेदार निरस्त करने की प्रक्रिया कर दी है। पीआईयू के ईई जेके पंत ने मुख्य अभियंता पीआईयू को पत्र लिखा है। शिक्षा विभाग के अफसरों के बिना लीज बढ़े जमीन पर काम शुरू कराने से शासन के 4.5करोड़ रुपए बर्बाद हो गए हैं।
सांदीपनि विद्यालय की बिल्डिंग नहीं बन पाने में शिक्षा विभाग के अफसरों की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। जिन्होंने 40 साल पहले खत्म हुई जमीन की लीज बढ़वाने से पहले ही बिना अनुमति ही पीआईयू के माध्यम से टेंडर निकलवाकर काम शुरू करवा दिया। लेकिन बाद में डिफेंस के रक्षा संपदा पचमढ़ी के अफसर ने बिल्डिंग का काम रुकवा दिया।
डेढ़ साल से काम बंद पड़ा है। बारिश में खुले हवाओं के बीच पड़े सरिए में जंग खा रहे है और सामान बर्बाद हो रहा है।
बिल्डिंग निर्माण के लिए ठेकेदार ने प्लांट और मशीन लगाई। जो बंद पड़ी है।
स्कूल एवं स्टाफ के आवास के लिए मिली थी जमीन पचमढ़ी में अधिकांश जमीन रक्षा विभाग के अंतर्गत डिफेंस कैंट क्षेत्र की है, जो रक्षा भूमि संपदा अधिकारी जबलपुर छावनी के अधीनस्थ है। मप्र शासन के CLAR 1937 के शेड्यूल VIII के तहत 9 जून 1955 को स्कूल, विद्यार्थियों के खेलने और स्कूल स्टाफ के आवास उद्देश्य से 30 वर्ष के लिए जमीन लीज पर दी थी। 8जून 1985 को लीज समाप्त हो चुकी थी।
लीज बढ़वाने के लिए कई पत्राचार, रिजल्ट जीरो लीज के नवीनीकरण कराने के लिए साल 2005 से पत्राचार शुरू हुआ। जिलाध्यक्ष होशंगाबाद ( नर्मदापुरम) पत्र क./23044/नजूल/2007 13 नवंबर 2007 के माध्यम से उक्त भूमि की लीज आगे बढ़ाने की मांग की गई है। सीएम राइज स्कूल के निर्माण कार्य के प्रारंभ होने पर लीज नवीनीकरण के लिए वर्ष 2023 में पुनः आवेदन दिया।
रक्षा संपदा अधिकारी जबलपुर के पत्र के 4 जून लिए 2024 द्वारा लिखा गया कि “उपरोक्त भूमि की लीज का प्रस्ताव सक्षम प्राधिकार के समक्ष विचाराधीन है अतः उक्त प्रस्ताव के विषय में स्वीकृति/दिशा निर्देश प्राप्त होने के उपरांत लीज रेंट एवं बकाया राशि की जानकारी दी जाएगी।
इसके पूर्व में रक्षा संपदा अधिकारी जबलपुर के पत्र दिनांक 18.04.2024 द्वारा की गई समस्त पूर्तिकर सीईओ छावनी पचमढ़ी के पत्र 21.06.2024 द्वारा दस्तावेज रक्षा संपदा अधिकारी जबलपुर को भेजे जा चुके है। कई पत्रों के बावजूद लीज नवीनीकरण का रिजल्ट जीरो है।
शासन स्तर का मामला, बातचीत करने की सलाह लीज बढ़ाने को लेकर तत्कालीन स्कूल शिक्षा अधिकारी एसपीएस बिसेन ने रक्षा संपदा अधिकारी जबलपुर से मिलकर समाधान के निर्देश मांगे थे। 05 जुलाई 2024 रक्षा संपदा अधिकारी जबलपुर स्पष्ट किया था कि लीज का मामला शासन स्तर का है, जिस पर निर्णय डीजी डिफेंस स्टेट देहली द्वारा लिया जाना है।
इसके लिए सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा डिफेंस डीजी को पत्राचार कर करने की सलाह दी गई। जहां से तत्काल प्रकरण में त्वरित कार्रवाई हो सकेगी।
एक साल पहले कलेक्टर ने सचिव, डीईओ ने आयुक्त लिखा पत्र स्कूल की जमीन की लीज बढ़ाने को लेकर नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना ने 12 जुलाई 2024 को सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग मप्र शासन को पत्र भेजा। तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी एसपीएस बिसेन ने भी 2 सितंबर 2009 को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र लिखा। जिसमें उल्लेख किया था।
जिला स्तर से प्रचलित कार्रवाई के साथ सीएम राइज पचमढ़ी के निर्माणाधीन भवन का कार्य लीज आगे बढ़ाने/अनुमति के अभाव में रूका रहेगा। कृपया उपरोक्त प्रकरण में समाधान के लिए आवश्यक पत्राचार Shri G.S.Rajeshwaran Director General, Defence Estates, Raksha Sampada Bhawan, 1, Ullan Batar Rd, Sport View, Delhi Cantonment, New Delhi, Delhi 110010 से मप्र शासन की ओर से भेजने का कष्ट करें।
कलेक्टर द्वारा पत्र लिखे 14 महीने और डीईओ के पत्र को एक साल हो चुके है। लेकिन शासन स्तर पर मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। डिफेंस डीजी से बातचीत नहीं हो पाने से आज भी स्कूल का काम रुका पड़ा है।

नई बिल्डिंग निर्माण से गर्ल्स स्कूल की बिल्डिंग को बंद करना पड़ा। छात्राएं दूसरे स्कूल में बैठ रही।
शिक्षा के लिए दी जमीन के 7 एकड़ में बनाई सरकारी होटल, लीज में बाधा रक्षा मंत्रालय भारत शासन द्वारा शिक्षा के उद्देश्य से मप्र शासन को CLAR 1937 के शेड्यूल VIII के तहत 30 वर्षों के लिए जमीन लीज पर दी गई थी। वर्ष 1986 में लीज खत्म हो गई थी। जिसकी लीज नवीनीकरण नहीं हो पाया।
इसी बीच कुछ साल पहले केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की बिना अनुमति के इसी 22 एकड़ के रकबे में से 7 एकड़ जमीन पर मप्र पर्यटन विभाग ने अपना सरकारी होटल होटल हाइलैंड बना लिया। शिक्षा के लिए दी जमीन का कुछ हिस्से का व्यावसायिक उपयोग भी लीज नवीनीकरण बाधा बन रहा है।
एक ही बिल्डिंग में दो साल से बैठ रहे विद्यार्थी पचमढ़ी में शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का नाम ही संदीपनि सीएम राइज स्कूल किया गया। स्कूल की बिल्डिंग पुरानी है। इसी के पास में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल भी है। सीएम राइज स्कूल के निर्माण के दौरान कन्या स्कूल के सामने की बाउंड्रीवॉल तोड़ी गई।
इस वजह से कन्या स्कूल को सीएम राइज स्कूल की पुरानी बिल्डिंग में ही शिफ्ट किया। दो साल से कन्या स्कूल की छात्राएं सीएम राइज स्कूल के परिसर में तीन कमरों में संचालित हो रही है। विद्यार्थी भी तीन कमरों में ही एक्जेक्ट करने को मजबूर है। स्कूल स्टाफ और प्राचार्य भी एक ही कमरे में ऑफिस चला रहे है।

पिल्लर खड़े करने के लिए सरिए लगाएं गए। फिर काम रोक दिया गया।
प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर ही सरकारी स्कूल में सुविधा सांदीपनि विद्यालय का नाम पहले सीएम राइज स्कूल था। जिसे पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशभर में पहले चरण में 275 सरकारी स्कूल को सीएम राइज का दर्जा दिया। सर्व-सुविधायुक्त वातावरण के साथ विद्यार्थियों को रोचक एवं आनंददायक शिक्षा देने के लिए सरकार ने सीएम राइज स्कूल्स की स्थापना की है। जिनमें निजी स्कूलों के जैसी सुविधाएं है।
केजी से कक्षा 12वीं तक संचालन की व्यवस्था के साथ अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। डिजिटल कक्षा, पूर्ण रूप से सुसज्जित प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय, कला, नृत्य, संगीत एवं योग शिक्षा की पढ़ाई की व्यवस्था भी की गई है दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा देने की मंशा से बस की व्यवस्था भी की गई है।
नींव स्तर तक काम, अब 4.54 करोड़ अटके सीएम राइज स्कूल की 30.5 करोड़ रुपए से बिल्डिंग बनना है। पीआईयू के ईई जेके पंत ने बताया 2019 में स्कूल की बिल्डिंग बनने के लिए टेंडर निकले। मेसर्स मिश्रा कंस्ट्रक्शन को टेंडर मिला। 28 सितम्बर 2023 को बिल्डिंग बनने का काम शुरू कराया। बाद में नींव स्तर तक काम होने के बाद छावनी परिषद कैंट द्वारा मार्च 2024 में रुकवाया दिया गया। डेढ़ साल से काम बंद पड़ा है।
ऐसे में ठेकेदार द्वारा प्लांट लगाया था और सरिए लगाएं थे। जिसमें करीब 4.54 करोड़ रुपए खर्च हुआ है। प्रशासकीय प्रकिया के विरुद्ध कार्य शुरू कराया। जो मार्च 2024 से बंद है। प्रशासकीय स्वीकृति निरस्त करने की कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता को पत्र लिखा है।

एक बिल्डिंग में स्कूल लगने से छात्राओं की परेशानी।
स्कूल शिक्षामंत्री बोले- जल्द नवीनीकरण कराएंगे डेढ़ साल से बिल्डिंग निर्माण का काम बंद होने व लीज को लेकर मप्र के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से सवाल किए। उन्होंने कहा देश के रक्षा मंत्री से इस संबंध में बात हो गई है। लीज नवीनीकरण जल्द पूरी होगी। जिसके बाद काम शुरू कराएंगे।
एक ही भवन में स्कूल लगने से विद्यार्थियों की परेशानी
- गर्ल्स स्कूल की छात्रा ने कहा सांदीपनि सीएम राइज की पुरानी बिल्डिंग में ही हमारा स्कूल भी दो साल से लग रहा है। पढ़ाई के लिए मात्र 4 रूम मिले है। बॉयज टायलेट हमारे रूम के बाजू में है, जिससे काफी बदबू आती है। बैठने में परेशानी होती है।
- कक्षा 10वीं की छात्रा डॉली ने कहा सांदीपनि स्कूल की प्रार्थना दूसरे स्थान और हमारे कन्या स्कूल की प्रार्थना पीछे ग्राउंड में होती है। जहां घास भी है और बारिश में कीचड़ रहती है। खेलने के लिए मैदान भी सांदीपनि स्कूल का ही है। हमारे जब खेलने का समय होता, तब उन बच्चों की क्लास होने रहती, इसलिए हम खेल नहीं पाते है।

पचमढ़ी निवासी संजय लिडवाणी, रुपेश साहू ने कहा अफसरों की लापरवाही से बच्चों सुविधा से वंचित।
स्थानीय नागरिकों का कहना
- रूपेंद्र साहू मन्नू का कहना है कि सांदीपनि सीएम राइज स्कूल की बिल्डिंग के निर्माण कार्य बंद होने से पचमढ़ी और आसपास रहने वालों बच्चों का हो रहा। जो सपना देख रहे थे कि अपनी भी अच्छी नई बिल्डिंग की सुविधा मिलेगी, पर अब वो रुकते दिख रही है। पचमढ़ी में कोई अच्छा, बड़ा प्राइवेट स्कूल नहीं है। सांदीपनि स्कूल की बिल्डिंग से काफी उम्मीदें, उत्साह था। पर वो काम बंद है। इसमें प्रशासन की लापरवाही है, जो शिक्षा विभाग को निर्माण शुरू करने से पहले अनुमतियां लेना थी, कैंट की भी लापरवाही है जिन्होंने काम शुरू करने के दौरान ही उसे रुकवाया क्यों नहीं। वरना शासन के इतने रुपए बर्बाद होने से बच जाते।
- पचमढ़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं स्थानीय नागरिक संजय लिडवाणी ने बताया सांदीपनि स्कूल की बिल्डिंग का काम रुका होने से कहीं न कहीं पचमढ़ी के बच्चों का हित प्रभावित हो रहा है। बेहतर सुविधाओं के साथ पढाई करने का जो अवसर है, वो उन्हें नहीं मिल पा रहा है। राज्य शासन और केंद्र शासन के बिच में समन्वय की कमी ही इसका कारण समझ में आता है। जो नहीं हो रहा है।