इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए टर्मिनल क्षेत्र के ग्राउंड फ्लोर में बड़े स्तर पर विस्तार कार्य शुरू कर दिया गया है। कई बार भीड़ बढ़ने से व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ता दिखाई देता था, इसलिए एयरपो
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एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मुग्गीरवार ने बताया कि एयरलाइंस कंपनियों द्वारा खाली किए गए ऑफिस स्पेस को आपरेशन एरिया में बदलते हुए टर्मिनल को विस्तारित किया जा रहा है। गेट नंबर 11 के पास बनाए जा रहे इस नए क्षेत्र के शुरू होने के बाद टर्मिनल की बैठक क्षमता 150 से बढ़कर लगभग 400 सीट तक पहुंच जाएगी।
पुराना टर्मिनल भी तैयार होने की कगार पर
मुग्गीरवार के अनुसार पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे जनवरी–फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
लगातार बढ़ रही यात्री की संख्या
वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट की यात्री क्षमता 40 लाख प्रतिवर्ष है। बीते साल 38 लाख से अधिक यात्रियों ने यहां से हवाई यात्रा की थी। इस साल भी केवल अक्टूबर तक 36 लाख से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं। विंटर सीजन में उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ यात्री भार और बढ़ने की संभावना है। इसी परिप्रेक्ष्य में एयरपोर्ट प्रबंधन ने अग्रिम तैयारी शुरू की है।
बेहतर सुविधाओं की ओर कदम
एयरपोर्ट डायरेक्टर ने कहा कि यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ग्राउंड फ्लोर के आपरेशन क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। नई सीटिंग अरेंजमेंट और विस्तारित क्षेत्र से भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी और यात्रियों को सुगम अनुभव मिलेगा।
एयरपोर्ट की क्षमता बढ़कर 55 लाख यात्री प्रतिवर्ष होगी
वर्तमान टर्मिनल क्षेत्र में संचालित एयरलाइंस कंपनियों के ऑफिस को पुराने टर्मिनल क्षेत्र में स्थान दिया गया है। इनके स्थानांतरित होने से खाली स्थान में यात्रियों के लिए बैठक व्यवस्था की जा रही है। वहीं पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण भी जारी है, जो तीन माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद यहां से छोटे विमान और अंतरराष्ट्रीय उड़ान का संचालन किया जाएगा। दोनों टर्मिनल के शुरू होने से एयरपोर्ट की क्षमता बढ़कर 55 लाख यात्री प्रतिवर्ष हो जाएगी।