दक्षिण भारतीय किसानों को रात के 3 बजे वापस भेजा: गार्डन में भोजन कराया; 8 घंटे बाद 225 किसानों को दुरंतो एक्सप्रेस से रवाना किया – narmadapuram (hoshangabad) News

दक्षिण भारतीय किसानों को रात के 3 बजे वापस भेजा:  गार्डन में भोजन कराया; 8 घंटे बाद 225 किसानों को दुरंतो एक्सप्रेस से रवाना किया – narmadapuram (hoshangabad) News


रात 3.20 बजे ट्रेन चेन्नई के लिए रवाना हुई।

जीटी एक्सप्रेस और तमिलनाडु एक्सप्रेस से नर्मदापुरम व इटारसी रेलवे स्टेशन पर उतारे तमिलनाडु के 225 किसानों को वापस चेन्नई रवाना कर दिया गया। किसानों को बुधवार सुबह 3.30 बजे दुरंतो सुपरफास्ट एक्सप्रेस से चेन्नई के लिए रवाना किया गया।

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केंद्र और राज्य प्रशासन की योजना के तहत किसानों को पहले स्टेशन पर उतारकर शहर के एक निजी गार्डन में लाया गया, जहां उन्हें भोजन कराया गया। इसके बाद पांच घंटे तक रहने के बाद रात 12 बजे बस से वापस नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन लाया गया।

प्लेटफार्म पर किसानों को करीब ढाई घंटे ठंड में इंतजार करना पड़ा। दिल्ली से दुरंतो एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त स्लीपर कोच जोड़े गए थे, ताकि किसानों को सीधे ले जाया जा सके। ट्रेन का स्टॉपेज रानी कमलापति से नागपुर तक है, लेकिन इसे नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर विशेष परमिशन लेकर रोका गया।

किसान दिल्ली में धरना देने के लिए जा रहे थे

राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी इंटरलिंकिंग किसान संघ (SNSIF) के किसान तमिलनाडु के किसानों के हक के लिए दिल्ली जंतर मंतर पर धरना देने आए थे। संघ के अध्यक्ष अय्या कन्नू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कृषि उत्पादों के लिए दो गुना लाभकारी मूल्य देने का वादा किया था। धान का मूल्य अगर ₹18 प्रति किलो है, तो गेहूं का भी ₹18 होना चाहिए। उन्होंने ₹54 देने का वादा किया था, लेकिन अब तक केवल ₹24 दिए हैं। किसानों की अन्य मांगों में फसल बीमा योजना, राष्ट्रीयकृत बैंक ऋण माफी, मेगदादु बांध परियोजना रोकना, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 5000 रुपए मासिक पेंशन और छात्रों के शैक्षिक ऋण माफी शामिल हैं।

प्लेटफार्म पर किसान मौजूद रहे।

पुलिस ने नर्मदापुरम में किसानों को उतारा, प्रदर्शन हुआ

नर्मदापुरम स्टेशन पर किसानों को उतारने के दौरान स्थिति बिगड़ गई। अय्या कन्नू को बोगी से बाहर आने में देर हुई, पुलिस और पूर्व एसपी डॉ. गुरकरन सिंह ने उन्हें समझाया और बाहर लाया। रात 7 बजे जब सभी किसानों को ट्रेन से उतारकर बाहर ले जाया जा रहा था, तो कुछ किसान नाराज हो गए। अय्या कन्नू समेत कई किसान अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने लगे। कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। एक किसान पूरी तरह नग्न हो गया। पुलिस ने चादर डालकर प्रदर्शन को छुपाने की कोशिश की।

अर्धनग्न होने के दौरान पुलिस कर्मी चादर डालते रहे।

अर्धनग्न होने के दौरान पुलिस कर्मी चादर डालते रहे।

300 से ज्यादा पुलिस फोर्स रहा तैनात

किसानों को उतारने और रेलवे स्टेशनों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए छह जिलों से 300 से ज्यादा पुलिस फोर्स तैनात किया गया। नर्मदापुरम में पूर्व एसपी डॉ. गुरकरन सिंह और इटारसी में हरदा एसपी शशांक ने नेतृत्व किया। डीआईजी प्रशांत खरे रेलवे स्टेशन पर मॉनिटरिंग करते रहे। सेंट्रल इंटेलिजेंस ब्यूरो, एलआईबी, आरपीएफ, जीआरपी और तमिलनाडु खुफिया एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद रहे। कई पुलिसकर्मी यात्री बनकर ट्रेन में भी चढ़ गए थे।

किसान नेता- अय्या कन्नू बमुश्किल बोगी से उतरे, अर्धनग्न हुए

नर्मदापुरम स्टेशन पर किसानों के नेता अय्या कन्नू बोगी से नहीं उतरे। बहुत मनाया लेकिन बाहर नहीं आए। स्पेशल डयूटी पर आए आईपीएस और नर्मदापुरम के पूर्व एसपी डॉ. गुरकरन सिंह ने उन्हें समझाया और नीचे लेकर आए। उनकी आधा घंटे तक अंदर बाद हुई। 7 बजे जब सभी किसानों को ट्रेन से उतारकर बाहर लाया जा रहा था, तब अचानक किसी बात से सभी नाराज हो गए। अय्या कन्नू समेत अन्य किसान अर्धनग्न हो गए और प्रदर्शन करने लगे। कुछ भी महिलाएं भी प्रदर्शन करने लगी। एक किसान पूरा नग्न हो गया। हालांकि मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्काल चादर डालकर प्रदर्शन को छुपाने की कोशिश की।

भाषा बनी बड़ी चुनौती, ट्रांसलेटर की कमी से संवाद में दिक्कत

किसानों को उतारने की पूरी प्रक्रिया में भाषा सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी। किसानों ने हिंदी समझने में असमर्थता जताई। सिर्फ कुछ किसान केवल अंग्रेजी ही बोल रहे थे। नर्मदापुरम में अंग्रेजी में बात की। इटारसी में एक ट्रांसलेटर उपलब्ध कराया गया। किसान तीन अलग-अलग कोचों में बैठे हुए थे। इससे बातचीत में कठिनाई हुई और प्रक्रिया में देरी हुई।

दिल्ली से मिला था इनपुट, दो एसपी को लगाया

चेन्नई से रवाना होने के साथ ही खुफिया एजेंसियां किसानों की हर मूवमेंट पर नजर रखे हुए थीं। पिछले वर्ष भी इन्हें नर्मदापुरम में रोका गया था, इसलिए दोनों स्टेशनों पर पहले से प्लानिंग की गई। नर्मदापुरम में पूर्व एसपी डॉ. गुरकरण सिंह को विशेष रूप से रतलाम से बुलाया गया, जबकि इटारसी में हरदा एसपी शशांक को कमान दी गई। दोनों जगहों पर दोपहर से ही भारी पुलिस बल तैनात रहा।

इन 6 सूत्रीय मांगों को लेकर जा रहे दिल्ली

  • कृषि उत्पादों के लिए 2 गुना लाभदायक मूल्य निर्धारित करना।
  • व्यक्तिगत किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करना।
  • सभी किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंक ऋण माफ करना।
  • तमिलनाडु को रेगिस्तान में बदलने से बचाने के लिए कर्नाटक में मेगदादु बांध परियोजना को रोकना।
  • 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए 5000 रुपए मासिक पेंशन करना।
  • छात्रों द्वारा लिए गए सभी शैक्षिक ऋणों को माफ करना।



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