दतिया स्थित श्री पीतांबरा पीठ में निर्माणाधीन क्षेत्र में मेहराब गिरने की घटना ने प्रशासन को सख्त मोड में ला दिया है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने मामले को गंभीर माना और गुरुवार सुबह स्वयं मंदिर परिसर पहुंचकर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पू
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निर्माण कार्य के दौरान नवनिर्मित मुख्य द्वार का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया था, जिसमें 12 में से 8 पिलर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था और श्रमिक पहले ही चले गए थे। घटना सामने आने के बाद कलेक्टर ने मंदिर प्रबंधन और ठेकेदार को मौके पर बुलाकर संपूर्ण जानकारी ली।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण सामग्री, डिजाइन अप्रूवल, सुरक्षा मानकों और सुपरविजन में किसी भी तरह की चूक पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच होगी कि निर्माण के लिए नगर पालिका या लोक निर्माण विभाग से ले-आउट की अनुमति ली गई थी या नहीं।
कलेक्टर ने जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की है, जिसमें एसडीएम संतोष तिवारी, पीडब्ल्यूडी ईई आदित्य सोनी, नपा सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर और फायर सेफ्टी अधिकारी धर्मेंद्र धाकड़ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।
इधर एसडीएम तिवारी ने लोक न्यास की धारा 26(1) के तहत पीतांबरा पीठ के कार्यकारी ट्रस्टी को नोटिस जारी करते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। नोटिस में ट्रस्ट के गठन से संबंधित आदेश, वर्तमान ट्रस्टी समिति का विवरण, निर्माण की अनुमति, नक्शा, इंजीनियर-ठेकेदार एग्रीमेंट, सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट, आय-व्यय का विवरण, दान की राशि और ले-आउट अनुमति सहित अन्य अभिलेख तीन दिनों में उपलब्ध कराने को कहा गया है।