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MP News: भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में पिछले 5 महीनों से पुराने स्मारक को तोड़ने के बाद से ही नए स्मारक पर काम चल रहा था. इस नए पुलिस शहीद स्मारक में अपना कर्तव्य निभाते हुए बलिदान देने वाले 1009 जवानों के नाम भी अंकित किए गए हैं.
देश का हृदयप्रदेश कहे जाने वाले मध्यप्रदेश की पुलिस के उन शहीद पुलिसकर्मियों के लिए राजधानी भोपाल में नया मॉडर्न पुलिस शहीद स्मारक बनाया गया है. जिन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए. स्मारक को बनाने में खास पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है.
राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में पिछले 5 महीनों से पुराने स्मारक को तोड़ने के बाद से ही नए स्मारक पर काम चल रहा था. इस नए पुलिस शहीद स्मारक में अपना कर्तव्य निभाते हुए बलिदान देने वाले 1009 जवानों के नाम भी अंकित किए गए हैं. देखिए वीरता और त्याग को दर्शाती हमारी खास रिपोर्ट.
राजस्थान के लाल पत्थरों से बना स्मारक
मध्यप्रदेश पुलिस शहीद स्मारक को बनाने का काम पिछले कई महीनों से चल रहा था. इस पुलिस शहीद स्मारक को बनने के लिए खास राजस्थान के लाल पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. जो बलिदान की झलक दिखाते इस स्मारक को भव्यता और दिव्यता का रूप देते हैं. इसके साथ ही शहीद स्मारक में कर्तव्य पथ पर शहीद होने वाले 1009 जवानों के नाम भी उकेरे गए हैं. इस नए स्मारक में ग्रीन स्पेस एक अलग मॉडर्न टच देता है.
1956 से 2025 के बीच 1009 पुलिसकर्मियों की गई जान
भोपाल में नए पुलिस शहीद स्मारक में एमपी पुलिस के उन 1009 वीर जवानों के नाम भी उकेरे गए हैं. जो अपना फर्ज निभाते हुए शहीद हो गए थे. एमपी पुलिस के मुखिया डीजीपी कैलाश मकवाना के मुताबिक, 21 अक्टूबर 1959 से 31 अगस्त 2025 तक टोटल 1009 जवानों ने अपने प्राण खोए हैं. एमपी पुलिस शहीद स्मारक में उन शहीदों को याद करते हुए अमर जवान प्रतिमा भी स्थापित की गई है. इसके साथ ही दो बदूकें भी लगाई गई हैं. इस स्मारक में आम जनता बिना किसी टिकट के वीरता और साहस का अनुभव कर सकती है.
परेशानी में लोगों को पुलिस पर भरोसा
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में बने नए चमचमाते पुलिस शहीद स्मारक से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते 21 अक्टूबर को कहा था कि एमपी पुलिस के जवान देश भक्ति, जन सेवा को चरितार्थ करते हैं. जब लोग परेशानी में होते हैं तो वो पुलिस पर भरोसा करते हैं.