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Satna News: मार्केट में कड़कनाथ मुर्गे की कीमत 700 से 800 रुपये प्रति किलो तक रहती है. ऑनलाइन इसकी कीमत 1200 से 1500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. कीमत भले ही ज्यादा है लेकिन इसके गुण, स्वाद और स्वास्थ्य लाभ इसे सर्दियों का प्रीमियम हेल्थ फूड बनाते हैं.
सतना. सर्दी शुरू होते ही नॉनवेज पसंद करने वाले लोग ऐसी चीजें ढूंढने लगते हैं, जो स्वाद के साथ-साथ शरीर को तंदुरुस्त भी रखें. इसी बीच कड़कनाथ चिकन की मांग तेजी से बढ़ जाती है, जिसे दुनिया में सबसे अधिक प्रोटीन और आयरन वाला मांस माना जाता है. इसका मांस हल्का काला होने के बावजूद बेहद हेल्दी होता है और कई बार लोग इसे प्रोटीन पाउडर के विकल्प के रूप में भी सुझाते हैं. शरीर को ऊर्जा देने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और ठंड में कमजोरी से बचाने के लिए यह खास नस्ल का चिकन मरीजों से लेकर फिटनेस फ्रीक लोगों तक सभी की पहली पसंद बन चुका है.
कड़कनाथ नस्ल की उत्पत्ति मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में हुई मानी जाती है और आज यह वैश्विक स्तर पर अपनी गुणवत्ता के कारण प्रसिद्ध है. सरकार भी इसे आदिवासी क्षेत्रों में पोषण सुधार कार्यक्रम के तहत बांटती है ताकि कुपोषण से जूझ रहे समुदायों में पोषण की कमी दूर हो सके. सतना मझगवां के आदिवासी इलाकों में भी इसी मॉडल पर कड़कनाथ वितरण योजना चलाई गई थी. उसके बाद से कई नए आवेदन पशु चिकित्सालयों में पहुंच रहे हैं.
कड़कनाथ में बढ़ती दिलचस्पी
आमतौर पर क्षेत्र में ब्रॉयलर चिकन की खपत पूरे साल चलती है लेकिन ठंड के दिनों में लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए कड़कनाथ को प्राथमिकता देते हैं. इसके अलावा इंडिजेनस ब्रीड और नर्मदा निधि जैसी देशी नस्लें भी सर्दियों में काफी पसंद की जाती हैं लेकिन पौष्टिकता की वजह से कड़कनाथ की लोकप्रियता सबसे आगे रहती है.
महंगा लेकिन लाभकारी
स्थानीय मीट मार्केट में कड़कनाथ की कीमत 700–800 रुपये प्रति किलो तक रहती है जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी कीमत 1200–1500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. कीमत भले ही अधिक है लेकिन इसके गुण, स्वाद और स्वास्थ्य लाभ इसे सर्दियों का प्रीमियम हेल्थ फूड बनाते हैं. इसमें मौजूद प्रोटीन और आयरन शरीर को जरूरत के समय अतिरिक्त ऊर्जा देता है, वहीं इसका कम फैट वाला मांस दिल और आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक माना जाता है.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.