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Sidhi News: अपोलो की तेज सूंघने की क्षमता अपराधियों के लिए काल बनी हुई है. जैसे ही कोई घटना होती है, अपोलो मौके पर पहुंचकर बिना किसी भ्रम के टीम को सही दिशा में ले जाता है. कई केस में उसने ऐसे सबूत ढूंढे हैं, जो इंसानी आंखें नहीं पकड़ पातीं.
सीधी. मध्य प्रदेश के संजय टाइगर रिजर्व में तैनात स्पेशल ट्रैकर डॉग अपोलो सिर्फ एक खोजी कुत्ता नहीं है बल्कि वह वन विभाग का सबसे तेज, सबसे भरोसेमंद और सबसे प्रभावशाली स्निफर डॉग है. अपनी सूंघने की अद्भुत क्षमता और तेज कार्रवाई के कारण अपोलो ने न सिर्फ अपराधियों के हौसले पस्त किए हैं बल्कि जंगल में गैरकानूनी गतिविधियों पर भी प्रभावी रोक लगाई है. सीसीएफ अमित दुबे ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि 2017 में भोपाल की 23वीं बटालियन से रिजर्व को सौंपे जाने के बाद से अपोलो ने 90 से ज्यादा मामलों में करीब 300 अपराधियों को पकड़वाया है. चोरी, शिकार, अवैध लकड़ी कटाई, वन्यजीव तस्करी हर तरह के अपराधों में अपोलो ने महज कुछ मिनटों में सुराग ढूंढकर जांच टीम को सीधे आरोपियों तक पहुंचाया है. अपनी इसी काबिलियत के दम पर अपोलो को अब तक दो राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार भी मिल चुके हैं. विभाग इसे अपने सबसे भरोसेमंद हथियार के तौर पर देखता है.
अमित दुबे के मुताबिक, अपोलो की तीक्ष्ण सूंघने की क्षमता अपराधियों के लिए काल बनी हुई है. जैसे ही कोई वारदात होती है, अपोलो मौके पर पहुंचकर बिना किसी भ्रम के टीम को सही दिशा में ले जाता है. कई मामलों में उसने ऐसे सबूत ढूंढे, जो इंसानी आंखें नहीं पकड़ पातीं.
24 घंटे देखभाल और स्पेशल डाइट
अपोलो की फिटनेस के लिए एक समर्पित वनकर्मी 24 घंटे उसकी देखभाल करता है. वनरक्षक गगन सिंह के अनुसार, हर महीने उसका मेडिकल चेकअप होता है. गर्मियों में उसकी एनर्जी बनाए रखने के लिए आइसक्रीम और सर्दियों में हाई प्रोटीन डाइट दी जाती है.
और तैयार होंगे अपोलो जैसे सुपर डॉग
वन विभाग का कहना है कि अपोलो ने न सिर्फ रिजर्व की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया है बल्कि यह भी साबित किया है कि स्निफर डॉग्स जंगलों की रक्षा में गेम चेंजर साबित हो सकते हैं. आने वाले समय में ऐसे और प्रशिक्षित डॉग तैयार किए जाएंगे.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.