नर्मदा के पावन जल से श्री विग्रहों का राजसी अभिषेक, भक्तिमय हुआ माहौल

नर्मदा के पावन जल से श्री विग्रहों का राजसी अभिषेक, भक्तिमय हुआ माहौल


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Khargone News: मंदिर के पुजारी पंडित पंकज मेहता ने बताया कि सुबह 9:30 बजे भगवान के श्री विग्रहों को गाजे-बाजे के साथ नर्मदा तट पर लाया गया. मंत्रोच्चार के बीच केवट समाज ने पूजा, अभिषेक, स्नान और महाआरती की.

खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के धार्मिक नगर मंडलेश्वर में शुक्रवार को 5 दिवसीय श्री राम–जानकी विवाह महोत्सव की शुरुआत पारंपरिक मंगल स्नान (शाही स्नान) के साथ नर्मदा तट पर हुई. सामाजिक समरसता की मिसाल बने इस आयोजन में भगवान की पहली आरती केवट समाज द्वारा की गई. भगवान को पहनाई गई पोशाक भी समाज की ओर से ही अर्पित की गई.

करीब 350 साल पुराने जूना श्री राम मंदिर में पिछले 5 वर्षों से यह महोत्सव भव्य रूप में मनाया जा रहा है. आयोजन की जिम्मेदारी श्री सीताराम शिव संकल्प संस्था और वैदेही सेवा प्रकल्प निभा रहे हैं. मंदिर के पुजारी पंडित पंकज मेहता ने बताया कि सुबह 9:30 बजे भगवान के श्री विग्रहों को गाजे-बाजे के साथ नर्मदा तट पर लाया गया. मंत्रोच्चार के बीच केवट समाज ने पूजा, अभिषेक, स्नान और महाआरती की.

केवट समान ने की पहली आरती
मंगल स्नान के यजमान राधेश्याम केवट ने कहा भगवान का स्नान कराना हमारा सौभाग्य है. पहली आरती और भगवान के वस्त्र सेवा भी आज हमारे समाज द्वारा की गई. वहीं, मंगल स्नान और आरती के बाद श्री विग्रहों को नगर के दीपक पाटीदार के घर मनुहार (बाना जिमने) ले जाया गया, जहां दाल–बाटी–चूरमा और कड़ी का भोग लगाया गया. यही रात्रि विश्राम रहा.

मनुहार के लिए घर- घर जाएंगे
अगले दिन 22 नवंबर की सुबह विग्रह आकाश सोनी के घर जाएंगे. यहां भोग के बाद शाम को भजन संध्या होगी. रात 9 बजे भगवान अनिल भटोरे के घर बाना जिमने जाएंगे, जहां 56 भोग का आयोजन होगा. 23 नवंबर को श्री विग्रह पुनः मंदिर लौटेंगे. शाम 4 बजे से मुख्य आयोजन शुरू होगा. वैदेही सखियों द्वारा गणेश पूजन, हल्दी और गौरी पूजन की रस्में निभाई जाएंगी. 25 तारीख विवाह पंचमी पर सभी परंपरागत रीति–रिवाजों के साथ विवाह संपन्न होगा.

मंडलेश्वर देश का चौथा नगर
गौरतलब है कि मिथिला, ओरछा और अयोध्या की तरह मंडलेश्वर देश का चौथा नगर है, जहा श्री राम–जानकी विवाह महोत्सव इतनी व्यापकता और रामानंदी परंपरा के साथ मनाया जाता है. त्रेतायुग में जैसे विवाह की रस्में हुई थीं, उसी विधि-विधान के अनुसार सभी रस्मो को निभाते हुए यहां भगवान के विग्रहों का विवाह महोत्सव आयोजित किया जाता है.

Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह… और पढ़ें

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