जैविक खेती से बदली महिलाओं की तकदीर, प्राकृतिक खेती सीखकर बन रहीं आत्मनिर्भर

जैविक खेती से बदली महिलाओं की तकदीर, प्राकृतिक खेती सीखकर बन रहीं आत्मनिर्भर


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Agriculture News: खंडवा जिले में कई स्व-सहायता समूहों की महिलाएं खेती को केवल जीवनयापन का साधन नहीं है. बल्कि एक सफल उद्यम के रूप में देख रही हैं. इन महिलाओं को प्राकृतिक खेती, जैविक खाद निर्माण, बागवानी, और पशुपालन जैसे विषयों पर 13 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की मिट्टी इन दिनों एक नई कहानी लिख रही है. यहां की महिलाएं न केवल खेतों में मेहनत कर रही हैं, बल्कि अपनी सोच और हुनर से एक नई दिशा भी तय कर रही हैं. ग्रामीण स्टार स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) की पहल से अब महिलाएं जैविक और औषधीय खेती का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन रही हैं.

खंडवा जिले में कई स्व-सहायता समूहों की महिलाएं खेती को केवल जीवनयापन का साधन नहीं है. बल्कि एक सफल उद्यम के रूप में देख रही हैं. इन महिलाओं को प्राकृतिक खेती, जैविक खाद निर्माण, बागवानी, और पशुपालन जैसे विषयों पर 13 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य है—गांव की महिलाएं खुद के बलबूते पर रोजगार के अवसर पैदा करें और रासायनिक खेती से दूर रहकर सुरक्षित, प्राकृतिक और लाभकारी उत्पादन करें.

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
ग्रामीण स्टार स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षक रविन्द्र बिरला बताते हैं कि इस प्रशिक्षण का मुख्य मकसद है महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है. हम महिलाओं को न केवल खेती सिखा रहे हैं. बल्कि यह भी बता रहे हैं कि वे अपने खेत से तैयार प्रोडक्ट को सीधे बाजार तक कैसे पहुंचाएं ताकि बिचौलियों से बचकर ज्यादा मुनाफा कमा सकें.

पौधों की खेती के बारे में जा रहा सिखाया
प्रशिक्षण में शामिल महिलाएं सीख रही हैं कि कैसे वे गोबर, नीम, और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से जैविक खाद तैयार कर सकती हैं. इस खाद से न केवल मिट्टी की उर्वरकता बढ़ती है. बल्कि फसल भी कीटनाशक मुक्त और सेहतमंद बनती है. उन्हें औषधीय पौधों की खेती के बारे में भी सिखाया जा रहा है, जिससे उनकी आय के नए रास्ते खुल रहे हैं. प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहीं लता डाइमया बताती हैं कि पहले हमें खेती के बारे में बहुत कम जानकारी थी. अब हमें जैविक खेती की पूरी प्रक्रिया सिखाई जा रही है. कैसे नेचुरल खाद बनाएं, बीज तैयार करें और फसल को बाजार में बेचे. अब हमें भरोसा है कि हम बिना किसी के सहारे अपना व्यवसाय चला सकते हैं.

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