भोपाल में कई बसों में पैनिक बटन नहीं: ड्राइवर मौके पर कनेक्शन जोड़ता दिखा, तो कई को पता ही नहीं बटन कहां लगा – Bhopal News

भोपाल में कई बसों में पैनिक बटन नहीं:  ड्राइवर मौके पर कनेक्शन जोड़ता दिखा, तो कई को पता ही नहीं बटन कहां लगा – Bhopal News


इंदौर–पुणे रूट की निजी बस में नेशनल शूटर के साथ हुई छेड़छाड़ के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इसी क्रम में दैनिक भास्कर ने बुधवार को भोपाल ISBT बस स्टैंड पर रैंडम चेकिंग की। जांच में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई, कई बसों मे

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कुछ ड्राइवरों को तो यह तक नहीं पता कि बटन लगा कहां है। वहीं आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने कहा कि पैनिक बटन हर बस में अनिवार्य है, अगर कोई नियम का उल्लंघन करता नजर आया तो उसके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा। हमने हाल ही में ऐसी सैकडों बसों पर कार्रवाई की है जिनमें पैनिक बटन या अन्य जरूरी दस्तावेज या उपकरण नहीं पाए गए।

एक बस में तो ड्राइवर मौके पर ही कनेक्शन जोड़ता दिखा जिन बसों में पैनिक बटन नहीं मिले, उनमें एमपी 30 पीए 4040 और एमपी 38 पी 0664 प्रमुख हैं। इस दौरान एमपी 30 पीए 4040 के ड्राइवर को पैनिक बटन का कनेक्शन जोड़ते हुए देखा गया, लेकिन जब बस के अंदर पैनिक बटन ढूंढा गया तो कहीं भी बटन दिखाई नहीं दिया। इससे साफ है कि सुरक्षा उपकरण सिर्फ कागजों में पूरा दिखाने की कोशिश की जाती है, ग्राउंड पर नहीं।

चार्टेड बसों में लगे मिले पैनिक बटन।

कुछ ट्रैवल्स में व्यवस्था ठीक, लेकिन ड्राइवरों को जानकारी कम

ITBP बस स्टैंड पर मौजूद वर्मा ट्रैवल्स और चार्टर्ड बसों में अधिकतर पैनिक बटन सही स्थिति में मिले। हालांकि कई बसों में ड्राइवर खुद बटन ढूंढते नजर आए। यानी जहां सिस्टम लगा भी है, वहां उसे चलाने वालों को इसकी पूरी जानकारी नहीं है।

महिला यात्रियों ने कहा, पैनिक बटन होना जरूरी

यात्री दीपांशी पटेल ने बताया कि “मैं अक्सर अकेले सफर करती हूं। मुझे आज तक नहीं पता था कि बसों में पैनिक बटन भी होता है। आज पहली बार देखा है। लगता है यह बहुत जरूरी है और हर बस में होना चाहिए। दूसरी महिला यात्री अनूजा ने कहा—“सिंगल वुमन के लिए पैनिक बटन बहुत जरूरी है। यह हर बस में होना चाहिए, इससे सुरक्षा का भरोसा मिलता है



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