खंडवा में कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाई: दो मासूम बेटे थे, सोयाबीन फसल खराब हुई थी; जिले में चौथे किसान का सुसाइड – Khandwa News

खंडवा में कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाई:  दो मासूम बेटे थे, सोयाबीन फसल खराब हुई थी; जिले में चौथे किसान का सुसाइड – Khandwa News



एसडीएम, तहसीलदार की मौजूदगी में हुआ किसान का पोस्टमार्टम।

खंडवा में एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली हैं। खरीफ सीजन की सोयाबीन फसल खराब होने और बढ़ते कर्ज के चलते किसान ने यह कदम उठाया हैं। इस मामले में पुलिस ने खेत से किसान का शव बरामद किया और जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। मर्ग कायम कर कोतवाली

.

घटना रामनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के हापला-दीपला गांव की हैं। मृतक की पहचान अखिलेश पिता जगदीश सोलंकी (38) के रूप में हुई हैं। किसान अखिलेश के बारे में जानकारी बताते हुए सरपंच अर्जुनसिंह सोलंकी ने कहा कि, किसान रात में खेत पर सिंचाई के लिए गया हुआ था, उसने गेहूं की फसल बो रखी थी। रात 2.30 बजे घर से निकला था, जो कि सुबह 7 बजे घर न आने पर परिवार वालों ने फोन किया तो मोबाइल बंद आया।

परिवार की चिंता तब और बढ़ गई जब किसान 8 बजे तक घर नहीं आया। फिर परिवार के लोग खेत पर गए, जहां देखा कि वह पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका था। गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी। रामनगर चौकी की पुलिस मौके पहुंची, तब शव को फंदे से उतारा गया। किसान की आत्महत्या के पीछे कर्ज का मामला हैं। उस पर बैंकों का 3 लाख रुपए का कृषि ऋण हैं। वहीं कुछ साहूकारों से अलग कर्ज ले रखा था।

– 8 एकड़ जमीन थी, एक भाई मजदूर

परिवार में अखिलेश और उसका एक और भाई हैं। जो खंडवा में रहकर टाइल्स की दुकान पर मजदूरी का काम करता हैं। खेती की जिम्मेदारी अखिलेश के माथे थी। उसके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र महज 7 साल और 5 साल हैं। किसान की आत्महत्या का कारण फसल का नुकसान, बढ़ता कर्ज और इसी बीच परिवार का भरण, पोषण और बच्चों की पढ़ाई की चिंता हैं।

– खंडवा जिले में किसान का चौथा सुसाइड

खंडवा जिले में इस साल सोयाबीन फसल में नुकसानी ज्यादा रही हैं, किसान को लागत खर्च भी निकला। वहीं जिन किसानों ने मक्का फसल बोई थी, उन्हें ठीक उत्पादन तो हुआ लेकिन मंडियों में भाव नहीं मिला। कुछ उम्मीद प्याज की फसल थी, जिसके भाव न मिलने के कारण किसानों ने खेत में ही रोटावेटर चला दिए हैं।

इन्हीं चिंताओं के बीच जिले में अब तक चार किसानों ने आत्महत्या कर ली हैं। इधर, जिला प्रशासन की ओर अपर कलेक्टर काशीराम बड़ौले ने आत्महत्या की वजह बजाय कर्ज के पारिवारिक कारण बताएं हैं।



Source link