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Sidhi News: बरिहा व्हाइट कलर के कोहड़े के आकार जैसा दिखता है. इसकी बड़ी बनाने के लिए पहले इसे छीलकर काटा जाता है और फिर गोड़ा जाता है. इसके बाद इलायची, लौंग, काली मिर्च, अदरक, हरी मिर्च और नमक जैसे देशी मसाले इसमें मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है.
सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में ठंड शुरू होते ही घर-घर बरिहा बड़ी की खुशबू फैलने लगती है. देसी स्वाद, लाजवाब सुगंध और पारंपरिक तरीके से तैयार की जाने वाली यह बड़ी न सिर्फ थाली का जायका बढ़ाती है बल्कि सर्द मौसम में ऊर्जा का बूस्टर भी बन जाती है. यही वजह है कि बरिहा बड़ी का स्वाद दूर-दूर तक लोगों को आकर्षित करता है और हर घर में इसकी खास जगह है. बरिहा बड़ी की लोकप्रियता का प्रमुख कारण है इसका अनोखा स्वाद और सेहत के लिए फायदेमंद गुण. सर्दियों में इसे रोजमर्रा के भोजन में दाल, सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. ठंड में शरीर को गर्माहट देने वाला इसका गुण ग्रामीण इलाकों में इसे बेहद खास बना देता है.
पित्त नाशक है बरिहा बड़ी
डॉ परोहा बताते हैं कि बड़ी में ऊष्मक तत्व मिलाए जाते हैं, जो ठंड में दीपन-पाचन का काम करते हैं. यह बड़ी पित्त नाशक है और शरीर में गर्माहट बढ़ाकर ठंड से बचाव करती है. खास बात यह है कि बरिहा बड़ी सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि जानवरों के लिए भी फायदेमंद है. इसे खिलाने से पशुओं को भी ठंड से राहत मिलती है और उनकी सेहत बेहतर रहती है.
लंबे समय तक खराब नहीं होती बड़ी
उन्होंने आगे बताया कि बरिहा बड़ी लंबे समय तक खराब नहीं होती, इसलिए इसे बरसात और अगली सर्दियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. पारंपरिक स्वाद और सेहत का अनोखा संगम होने के कारण विंध्य की यह बरिहा बड़ी हर सर्दी में थाली की शान बढ़ाती है और ऊर्जा का भरपूर साथ देती है.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.