नक्सली प्रवक्ता बोले- हथियार छोड़ने पर विचार को समय दें: महाराष्ट्र, एमपी, छत्तीसगढ़ सरकार से अपील- ‘अभियान रोकें, हम भी गतिविधियां बंद करेंगे’ – Balaghat (Madhya Pradesh) News

नक्सली प्रवक्ता बोले- हथियार छोड़ने पर विचार को समय दें:  महाराष्ट्र, एमपी, छत्तीसगढ़ सरकार से अपील- ‘अभियान रोकें, हम भी गतिविधियां बंद करेंगे’ – Balaghat (Madhya Pradesh) News


नक्सली प्रवक्ता अनंत का ऑडियो जारी, 15 फरवरी तक हथियारबंदी पर फैसला टालने की मांग

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने की बात कही थी। इस घोषणा के बाद जंगलों में सुरक्षाबलों का नक्सल विरोधी अभियान तेज हो गया है। जिसके बाद महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन के एक कथित नक्सली प्रवक्त

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पढ़िए लगभग 8 मिनट 8 सेकेंड के इस ऑडियो में क्या बातचीत हुई…

पत्रकार– Anand दादा, क्योंकि ये बात जो है ये दर्शकों तक पहुंचाने के लिए है, सरकार तक पहुंचाने के लिए है, तो पहले मैं अपना परिचय दे देता हूँ। मैं संजय ठाकुर हूं। आप हमसे संपर्क करना चाहते थे, अगर आप बता पाए कि आपकी पहचान क्या है, उसके बाद हम बातचीत आगे बढ़ाते हैं।

अनंत- जी, फिलहाल तो मेरा नाम अनंत ही है, मैं महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल कमेटी का सदस्य हूं, मतलब एमएमसी एजेंसी का सदस्य हूं और एक प्रवक्ता के तौर पर ये प्रेस रिलीज जारी कर रहा हूं। आप अभी फिलहाल एमएमसी एजेंसी के प्रवक्ता के तौर पर जनता के सामने अपनी बात रखना चाहते हुं और सरकार के सामने अपनी बात रखना चाहते हुं।

पत्रकार– जी, अगर आप बता देंगे, आप क्या कुछ बात रखना चाहते हैं, उसके बाद मैं अपने कुछ सवाल पूछ लूंगा।

अनंत- ठीक है, मैं स्टेटमेंट ही पढ़ देता हूं।

Central Committee Commission का लेंटर

सोनू दादा और सतीश दादा से भी अपील है कि सरकारों तक हमारी बात पहुंचाएं और हमें पर्याप्त समय देने की बात रखें। जनहितैषी जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और यूट्यूबरों से अपील है कि वे सरकार और हमारे बीच मध्यस्थता करें और हमारी अपील पर गौर करने के लिए सरकार से बात करें।

इसके अलावा वे अपने यूट्यूब चैनलों पर भी इस समाचार को कवर करे, हम चाहते है कि वे इस मामलें में MMC zone में भी वैसे ही भूमिका निभाए जिस तरह एमएमसी जोन में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में निभाया गया है। प्रवक्ता अनंत, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी।

पत्रकार- जी, आपका ये संदेश हम कोशिश करेंगे सरकार तक, जनता तक पहुंचाने की। ये लास्ट मेरा एक सवाल था कि कल ही आप लोग की केंद्रीय कमेटी की ओर से, Central Committee Commission की ओर से एक लेंटर आया, जिसमें कहा गया कि PLJ सप्ताह मनाना है। तो एक जो गुट है, जो अभी भी चाहता है लड़ाई जारी रहे, क्या आप लोग अब उनसे अलग हो गए हैं या आपके विचार ये हैं कि हमें अब हथियार नीचे रख देने चाहिए?

अनंत- जी, हम इस राय पर हैं कि देश और दुनिया में जो परिस्थितियां बदली हैं, तो हथियारबंद संघर्ष जो है, मौजूदा समय में सफल नहीं हो सकता, जी। इसलिए थोड़ी भिन्न राय है, पार्टी एक ही है, जब तक हम अपनी धाराएं निश्चित नहीं करते, तब तक हम निश्चित तौर पर ये नहीं कह सकते लेकिन कुल मिलाकर, स्थितियां जो समझ में आ रही हैं, तब वो एक धड़ा जो है, वो जो कह रहा है कि PLJ मनाएंगे और हथियारबंद संघर्ष जारी रखेंगे, तो वो थोड़ा देर से समझेंगे इस बात को, लेकिन अगर जल्दी समझ जाए तो और अच्छा है।

पत्रकार- जी। ऐसा माना जा रहा है कि वो धड़ा देवी जी के साथ है और उनके साथी हिडमा जो थे, उनका एक एनकाउंटर हो गया, तो आप क्या ये संदेश देना चाहते हैं कि इस तरह से घटनाएं होने से पहले ही बाकी संगठन भी अपने हथियार डाल दे और वापिस मुख्यधारा में आकर अपनी बात, जनता के बीच आकर करें?

अनंत- जी, वो तो सतीश दादा और सोनू दादा ने अपील कर दी है, कर चुके हैं। मैं और अलग से कोई अपील नहीं करना चाहता, अपनी बात तो जो है, क्योंकि केंद्रीय कमेटी हमसे बड़ी कमेटी होती है, तो हम अपनी ओर से उनकी, वो उनकी तरफ अपील करना ठीक नहीं होता, जी।

पत्रकार- तो ठीक है, मैं आपकी बात जनता तक, दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा और हम चाहते हैं कि ये पूरा जो एक संघर्ष का दौर चला है, ये अब किसी भी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से दोनों ओर से कुछ शांति की राह निकल जाए और आप लोग की सुरक्षित वापसी हो जाए और इसके प्रति जो भी हमारी जिम्मेदारी होगी, जवाबदेही होगी, जो कुछ हम कर सकते हैं, हम करने की कोशिश करेंगे।

अनंत- ठीक है।

इस मामले में, बालाघाट के नक्सल एएसपी आदर्शकांत शुक्ला ने ऑडियो मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ऑडियो की जांच की जा रही है और उपलब्ध नक्सली ऑडियो से इसकी पुष्टि की जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जिले में अनंत नाम के किसी व्यक्ति की कोई नक्सली प्रोफाइल नहीं है।

बता दें कि हाल ही में सुरक्षाबलों का नक्सल विरोधी अभियानों के परिणामस्वरूप, हार्डकोर नक्सली हिडमा सहित कई मारे गए हैं, जबकि कई अन्य नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास का रास्ता चुना है। हाल ही में छत्तीसगढ़ की हार्डकोर नक्सली सुनीता ओयाम ने भी आत्मसमर्पण किया है, जो हार्डकोर नक्सली रामदेर की सुरक्षागार्ड थी।

देश से नक्सलवाद को खत्म करने की सरकार की समय सीमा और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, नक्सली संगठन के केंद्रीय सदस्यों सोनू दादा और सतीश दादा ने भी सशस्त्र संघर्ष को विराम देने की अपील की थी, जिसका असर अब दिख रहा है।



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