निमाड़ उत्सव में ओडिशा का गोटिपुआ-गुजरात का राठ नृत्य, गूंज उठा महेश्वर

निमाड़ उत्सव में ओडिशा का गोटिपुआ-गुजरात का राठ नृत्य, गूंज उठा महेश्वर


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Khargone News: समूह के युवा कलाकारों ने महिलाओं की वेशभूषा धारण कर भगवान जगन्नाथ और श्रीकृष्ण की स्तुति और राधा-कृष्ण प्रसंग को सुंदर मुद्राओं और मनमोहक कलाबाजी के साथ मंच पर पेश किया. इसके बाद गुजरात के बड़ौदा से आए कलाकार विजयभाई राठवा और उनके साथियों ने राठ नृत्य की जोशीली प्रस्तुति दी.

खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन की पर्यटन नगरी महेश्वर के देवी अहिल्या घाट पर चल रहे तीन दिवसीय 31वें निमाड़ उत्सव का दूसरा दिन रंग, संगीत और संस्कृति से सराबोर रहा. रविवार शाम ओडिशा और गुजरात की पारंपरिक कलाओं की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. वहीं देर रात को हुए निमाड़ी कवि सम्मेलन में कवियों की हास्य और वीर रस से भरी रचनाओं पर श्रोताओं ने खूब ठहाके लगाए. रविवार सुबह खेल प्रतियोगिताओं में युवा प्रतिभाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. शाम 7 बजे लाइट एंड साउंड शो की प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. शो का लोकार्पण उत्सव के पहले दिन किया गया था, जिसमें अहिल्या बाई होल्कर, महेश्वर का वैभव, शिव और नर्मदा की कहानी को ध्वनि और प्रकाश के माध्यम से जीवंत किया गया. इसके बाद रात 7:30 बजे ओडिशा के पुरी से आए चन्द्रमणि प्रधान और उनके समूह ने पारंपरिक गोटीपुआ नृत्य प्रस्तुत किया.

समूह के युवा कलाकार महिलाओं जैसी वेशभूषा धारण कर भगवान जगन्नाथ और श्रीकृष्ण की स्तुति और राधा-कृष्ण प्रसंग को सुंदर मुद्राओं और मनमोहक कलाबाजी के साथ मंच पर लेकर आए. इसके बाद गुजरात के बड़ौदा से आए विजयभाई राठवा और साथियों ने राठ नृत्य की जोशीली प्रस्तुति दी. मुख्य रूप से होली और शुभ अवसरों पर किया जाने वाला यह जनजातीय नृत्य ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ताल पर शुरू होते ही पूरे वातावरण में ऊर्जा भर गया. रंग-बिरंगी पोशाकों और तालबद्ध कदमों के साथ राठवा समूह ने मंच पर ऐसी लय और उत्साह पैदा किया कि दर्शक भी ताल पर झूमने लगे.
निमाड़ी कविताओं पर दर्शकों ने लगाए ठहाके
रात 8:30 बजे शुरू हुए निमाड़ी कवि सम्मेलन में माहौल एक बार फिर स्थानीय रंग में रंग गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री जगदीश जोशीला ने की. खरगोन के मोहन परमार, महेश्वर के दिलीप काले, मनावर के राम शर्मा परिंदा, कसरावद के जितेंद्र यादव, जलकोटा के धनसिंह सेन और उमियाधाम करोंदिया के बिहारी पाटीदार गांववाला ने हास्य, वीरता और भक्ति रस से भरी कविताओं का वाचन किया. कवियों की नटखट और चुटीली निमाड़ी कविताओं पर दर्शकों की तालियां और ठहाके लगातार गूंजते रहे.

कबड्डी, कुश्ती और मेंहदी प्रतियोगिता
दिनभर खेल और कला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया. सुबह उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में जिला स्तरीय बालिका वर्ग कबड्डी और ब्लॉक स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिताएं आयोजित हुई. जिला खेल अधिकारी पवी दुबे ने लोकल 18 को बताया कि कबड्डी में जिलेभर की 16 टीमों ने जोरदार मुकाबले किए. कुश्ती में पुरुष वर्ग के 22 और महिला वर्ग की पांच पहलवानों ने दमखम दिखाया. दोपहर में किला परिसर में बालिकाओं के लिए मेहंदी प्रतियोगिता रखी गई, जिसमें जूनियर वर्ग की 14 और सीनियर वर्ग की 7 प्रतिभागियों सहित कुल 21 प्रतिभागियों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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