मुलताई के वार्षिक मेले में सोमवार रात नया टावर झूला अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच में ही रुक गया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और झूले पर बैठे करीब 22 लोग लगभग 20 मिनट तक 40 फिट तक हवा में लटके रहे। दिन में भी यही झूला खराब हुआ था, लेकिन इसके बा
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स्पीड से ऊपर जाने के बाद अचानक झूला रुका
रात करीब 9 बजे झूला तेजी से ऊपर जा रहा था कि अचानक झटका लगते ही रुक गया। नीचे मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी फैल गई। झूला संचालकों ने तुरंत मिस्त्री को बुलाकर मशीन को ठीक करने की कोशिश शुरू की।
इससे पहले दिन में भी इसी झूले में खराबी आ गई थी।
मशीन रीसेट कर यात्रियों को उतारा
करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद तकनीकी टीम ने सिस्टम को रीसेट कर झूले को धीरे-धीरे नीचे लाया। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया, हालांकि लंबे समय तक हवा में फंसे रहने के कारण कई लोग घबराए हुए थे।
खराबी के बाद आसपास के झूले भी बंद किए गए
घटना के बाद एहतियातन आसपास के अन्य झूले भी कुछ देर के लिए बंद कर दिए गए। स्टॉल संचालकों ने बताया कि मेले में लगातार बिजली के उतार-चढ़ाव और मशीनों पर बढ़ते दबाव के कारण ऐसी समस्या आ सकती है।

करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद तकनीकी टीम ने सिस्टम को रीसेट कर झूले को धीरे-धीरे नीचे लाया।
बिजली फॉल्ट से दूसरी बार झूले रुके
कुछ देर बाद जब झूले दोबारा चालू किए गए तो फिर स्थिति बिगड़ गई। अचानक लाइटें बंद हो गईं और झूले रुक गए। हालांकि, मेले के दूसरे हिस्से में झूले सामान्य चल रहे थे, जिससे आशंका जताया गया कि एक तरफ बिजली फॉल्ट हुआ था।
लोगों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
बिजली बहाल होने के बाद झूले सामान्य रूप से चलने लगे, लेकिन इस घटना ने लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मेले में आए लोगों ने मांग की है कि झूलों की तकनीकी जांच और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।