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धर्म के प्रति समर्पण और धार्मिक ग्रंथों को स्थायी रूप में संरक्षित रखने की भावना से इंदौर में पीतल की रामायण का निर्माण किया गया है. यह अनोखी पहल सनातन धर्म के पूज्यतम ग्रंथ को कागज की नाशवान सीमा से मुक्त कर उसे धातु की दीर्घायु शक्ति प्रदान करती है.
इंदौर. धर्म के प्रति कुछ करने की लगन और धार्मिक ग्रंथों को दस्तावेजों के रूप में धातुओं से सहज कर अमर करने के उद्देश्य से इंदौर में पीतल की रामायण का निर्माण किया गया है. यह अनूठी पहल सनातन धर्म के सबसे पूज्य ग्रंथ को, समय के साथ नष्ट होने वाले कागज़ के बंधन से मुक्त कर, उसे धातु की मजबूती प्रदान कर रही है.
एडवोकेट लोकेश मंगल ने हमें बताया कि उन्होंने इसका निर्माण अवधेशानंद गिरी जी महाराज की प्रेरणा और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के मार्गदर्शन में किया है. धर्म गुरुओं के अनुसार पीतल को एक शुभ धातु बताया गया है इसी के चलते वाल्मीकि रामायण को पीतल पर ही उकेरा गया है. उनका उद्देश्य था धर्म के प्रति जनता को जागरूक करना और एक अवर दस्तावेज तैयार करना जो उनके जाने के बाद भी वैसा ही रहे.
हर एक कांड की अलग पुस्तिका
पूरी रामायण में 1241 पन्ने हैं सभी को मिलाकर करीब 10 किलो से ज्यादा वजन है. पूरी रामायण को संस्कृत में ही लिखा गया है हर एक कांड की अलग पुस्तिका है पूरे सात कांड बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधा कांड, सुंदरकांड, युद्ध कांड और उत्तरकांड को मिलाकर यह रामायण तैयार की गई है. धातु पर लेजर तकनीक के माध्यम से तैयार की गई रामायण को पूरी तरह संस्कृत में लिखा गया है.
42 हजार लोगों ने किया सहयोग
गौर करने वाली बात है कि करीब 37 लाख रुपए की लागत वाली यह रामायण मात्र 11 हजार में तैयार हो गई. इसे बनाने के लिए भी युद्ध स्तर पर काम किया गया, सामान्य रूप से साढ़े तीन साल में बनने वाली रामायण 31 दिन में बनकर तैयार हो गई. लोकेश मंगल बताते हैं कि इसके पीछे लोगों का धर्म के प्रति समर्पण और सेवा भाव है जिसकी वजह से यह संभव हो पाया. लोकेश मंगल पहले भी ‘संविधान से देश’ नामक पुस्तक के तहत पीतल पर भारतीय संविधान और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़ उकेर चुके हैं जिसमें 42 हजार लोगों से एक रुपए का सहयोग लिया गया था.
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
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