मध्यप्रदेश सरकार ने दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 में बड़ा बदलाव करते हुए रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मध्यप्रदेश दुकान तथा स्थापना (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 को मंजूरी दी गई।
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इस बदलाव के बाद अब राज्य के सभी दुकानों, प्रतिष्ठानों, होटलों, रेस्टोरेंटों, व्यवसायिक इकाइयों सहित अन्य प्रतिष्ठानों का रजिस्ट्रेशन केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा। विधानसभा में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा मंगलवार को मोहन कैबिनेट ने श्रम कानून में बदलाव को मंजूरी दी है। अब इस संशोधन विधेयक को आगामी दिसंबर के शीतकालीन सत्र में विधानसभा में पारित कराने के लिए भेजा जाएगा।
20 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों का निरीक्षण नहीं होगा 20 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों में बिना श्रम आयुक्त की अनुमति के निरीक्षण नहीं हो सकेगा, जिससे सूक्ष्म और लघु व्यापारियों को अनावश्यक कार्रवाई से राहत मिलेगी।
दुकानों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और सेल्फ सर्टिफिकेशन पर आधारित होगा अब दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का पंजीयन पूरी तरह सेल्फ सर्टिफिकेशन (स्व-प्रमाणन) आधारित होगा और कागजी प्रक्रिया की जगह ऑनलाइन पोर्टल से जारी डिजिटल पंजीयन प्रमाण पत्र लागू किया जाएगा।
अब दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का पंजीयन पूरी तरह सेल्फ सर्टिफिकेशन (स्व-प्रमाणन) आधारित होगा।
नए बदलावों से दुकानदारों और छोटे उद्यमियों को क्या फायदा
श्रम विभाग की सभी प्रक्रियाएं- जैसे, रजिस्ट्रेशन, संशोधन, रिन्युअल (नवीनीकरण), दुकान या प्रतिष्ठान बंद होने की सूचना अब पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज होंगी। इसके लिए श्रम विभाग द्वारा निर्धारित पोर्टल को ही अधिकृत माध्यम माना जाएगा।
डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट अनिवार्य, 30 दिन में पंजीयन संशोधित कानून में साफ किया गया है कि नए प्रतिष्ठान को शुरू होने के 30 दिन के अंदर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पूरी तरह डिजिटल होगा और पोर्टल से ही जनरेट होगा। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को दुकान या प्रतिष्ठान के प्रमुख स्थान पर डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा।
फीस अधिकतम ₹2,500, बदलाव 7 दिन में अपडेट करना अनिवार्य रजिस्ट्रेशन शुल्क अधिकतम ₹2,500 तक तय किया गया है। वहीं, कर्मचारियों की संख्या या अन्य महत्वपूर्ण बदलाव होने पर सात दिन के भीतर पोर्टल पर जानकारी अपडेट करनी जरूरी होगी।
प्रतिष्ठान बंद करने पर 10 दिन में सूचना यदि कोई दुकान या प्रतिष्ठान बंद किया जाता है तो उसकी जानकारी 10 दिन के भीतर पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य होगा। सूचना दर्ज होते ही उस प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन स्वतः रजिस्टर से हट जाएगा।
उद्देश्य: अनुपालन सरल करना और व्यापार सुगम बनाना दस्तावेज के ‘उद्देश्य और कारण’ में कहा गया है कि नई आर्थिक परिस्थितियों में व्यापार की आवश्यकताओं को देखते हुए यह संशोधन आवश्यक है। सरकार का उद्देश्य रजिस्ट्रेशन को सरल बनाना, स्व-प्रमाणन को बढ़ावा देना और छोटे व्यापारियों पर निरीक्षण का दबाव कम करना है