किसानों ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।
निवाड़ी के विनवारा गांव में बालू माफिया पर 40 साल पुराना चेक डैम तोड़ने का आरोप लगा है। इस घटना से लगभग 200 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई ठप हो गई है, जिससे सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को कलेक्टर जमुना भिड़े को ज्ञापन सौंपक
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अवैध रेत निकालने के लिए बांध को तोड़ने का आरोप
यह चेक डैम नैना नदी पर कतका घाट-आमदा घाट के बीच बना था और पिछले 40 सालों से ग्रामीणों के लिए सिंचाई का मुख्य स्रोत था। ग्रामीणों के अनुसार, बालू माफिया ने नदी से अवैध रेत निकालने के लिए इस 2 किलोमीटर लंबे बांध को तोड़ दिया।
डैम टूटने के बाद पानी बह गया, जिससे करीब 200 एकड़ जमीन की सिंचाई पूरी तरह रुक गई है। लगभग 100 किसान सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं और उनकी बोई हुई फसलें सूखने की कगार पर हैं।
क्षेत्र में 100 से अधिक बालू माफिया सक्रिय
ग्रामीणों का आरोप है कि विनवारा ग्राम पंचायत में करीब 100 बालू माफिया सक्रिय हैं। ये माफिया दिन-रात ट्रैक्टरों से अवैध बालू का उत्खनन करते हैं। ग्रामीणों ने मौके पर बालू माफिया के ट्रैक्टर दौड़ते हुए देखे।
रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने निवाड़ी कलेक्टर जमुना भिड़े को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेक डैम तोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और सिंचाई व्यवस्था का वैकल्पिक समाधान करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो पूरी पंचायत आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।