CM बोले- चंदेरी बुनकरों की कला राज्य की सांस्कृतिक धरोहर: सिंधिया ने कहा- यहां इतिहास, स्थापत्य कला और सदियों पुरानी परंपरा जीवंत – Ashoknagar News

CM बोले- चंदेरी बुनकरों की कला राज्य की सांस्कृतिक धरोहर:  सिंधिया ने कहा- यहां इतिहास, स्थापत्य कला और सदियों पुरानी परंपरा जीवंत – Ashoknagar News


अशोकनगर के चंदेरी में शुक्रवार को आयोजित इको रिट्रीट के शुभारंभ मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन से विशेष संदेश भेजकर कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को नई पहचान दिलाई है, औ

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मुख्यमंत्री ने बताया कि चंदेरी की साड़ियां अपनी गुणवत्ता के आधार पर जीआई टैग प्राप्त कर चुकी हैं, जो स्थानीय शिल्पकारों के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि तीन महीने तक संचालित रहने वाली टेंट सिटी पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगी और स्थानीय बुनकरों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान करेगी।

पर्यटन और फिल्म जगत में बढ़ रही चंदेरी की पहचान डॉ. यादव ने कहा कि चंदेरी तेजी से फिल्म और फैशन जगत का खास डेस्टिनेशन बन रहा है, जहां कई फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग हो चुकी है। इको रिट्रीट के माध्यम से फैशन इंडस्ट्री से जुड़े लोग यहां पहुंचकर लाइव वीविंग की कला को नजदीक से देख सकेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष घोषित किया गया है, और इस अभियान के तहत चंदेरी के शिल्पियों को विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे।

साड़ियों की ब्रांडिंग से शिल्पियों को नई पहचान इको रिट्रीट के दौरान चंदेरी की विश्व प्रसिद्ध साड़ियों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जा रही है। कार्यक्रम में बायर-सेलर मीट, हैंडलूम प्रदर्शन, व्यंजन मेला और लाइट एंड साउंड शो जैसी प्रमुख गतिविधियां शामिल होंगी। इससे स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी।

डॉ. यादव ने कहा कि एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियां न सिर्फ युवाओं को आकर्षित करेंगी, बल्कि चंदेरी को पर्यटन मानचित्र पर और प्रमुख बनाएंगी।

कार्यक्रम में सिंधिया ने की ऐतिहासिक धरोहर और बुनाई कला की प्रशंसा चंदेरी इको रिट्रीट–2025 के तीसरे संस्करण की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। उन्होंने कहा कि चंदेरी केवल एक स्थान नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का महत्वपूर्ण अध्याय है, जहां इतिहास, स्थापत्य कला और सदियों पुरानी बुनाई परंपरा जीवंत रूप में मौजूद है।

उन्होंने चंदेरी की साड़ियों की बुनावट, पारंपरिक तकनीक और बुनकरों की मेहनत को वैश्विक पहचान का आधार बताया। साथ ही कहा कि चंदेरी आने वाले समय में अपनी सांस्कृतिक विरासत और हैंडलूम परंपरा के कारण विश्व स्तर पर और मजबूत पहचान बनाएगा।

फैशन शो में दिखी चंदेरी की खूबसूरती टेंट सिटी में आयोजित फैशन शो में चंदेरी वस्त्रों की ऐतिहासिक और कलात्मक यात्रा को आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया गया। फैबइंडिया, तनेरिया, इटोकरी, न्वाइज जींस और अन्य ब्रांड्स ने अपनी डिजाइंस प्रदर्शित कीं, जिनमें चंदेरी की पारंपरिक बुनाई प्रमुख रही।

रोमांचक गतिविधियों और व्यंजनों का आनंद पर्यटक इको रिट्रीट में एडवेंचर स्पोर्ट्स, इनडोर-आउटडोर गेम्स, किड्स ज़ोन और स्थानीय व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। आयोजन में चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक ब्रजेन्द्र सिंह यादव के अलावा आलोक तिवारी, अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह, पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा,मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (इवेंट एंड मार्केटिंग) युवराज पडोले, फैब इंडिया के एमडी विलियम विसेल, टाटा तनेरिया के सीईओ अंबुज नारायण उपस्थित रहे।

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