राजधानी की फार्मेसी काउंसिल में सिस्टम की जड़ता और अव्यवस्था छात्रों का भविष्य निगल रही है। डिजिटल इंडिया और ई गवर्नेंस के दौर में यहां रजिस्ट्रेशन और रिन्युअल फॉर्म महीनों नहीं, बल्कि ढाई साल से लंबित पड़े हैं। काउंसिल के परिसर में रोजाना लंबी लाइने
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रिकॉर्ड के अनुसार काउंसिल के पास करीब 90 हजार रजिस्ट्रेशन हैं, जिनमें से 25 हजार ने अभी तक रिन्युअल नहीं कराया है। वहीं, 7 हजार फॉर्म सिस्टम में ही अटके हुए हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म का दावा करने वाली यह संस्था आज भी ‘मैनुअल मोड’ में काम करती दिखती है। काउंसिल ने शुरुआत में रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति को वजह बताया था, लेकिन अब रजिस्ट्रार की मौजूदगी के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं आया है।
ऑनलाइन प्रक्रिया, लेकिन सिस्टम ऑफलाइन
1. ऑनलाइन आवेदन 2. ऑफलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 3. डिजिटल साइन
अकसर होते हैं विवाद शुक्रवार को इस अव्यवस्था के विरोध में काउंसिल परिसर में हंगामा मच गया। रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे आवेदकों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा कर्मी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जिसके बाद माहौल गरमा गया। यह पहला मौका नहीं है, जब इस तरह की स्थिति बनी। बल्कि बीते महीनों में ऐसे विवाद कई बार हो चुके हैं।
फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने कहा- जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई स्टेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन मध्यप्रदेश के प्रदेश संयोजक राजन नायर ने कहा कि स्टूडेंट के साथ मारपीट अशोभनीय है। यदि सभी काम ऑनलाइन हो रहे हैं तो हजारों स्टूडेंट्स यहां लाइन में क्यों खड़े हैं? आखिर फाइलों को मंजूरी में इतना समय किस बात का लग रहा है। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने रिन्युअल के लिए पहुंचे छात्र के साथ मारपीट की, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन पर केस दर्ज

भोपाल में फार्मेसी काउंसिल दफ्तर के परिसर में युवक के साथ मारपीट मामले में हबीबगंज थाना पुलिस ने अध्यक्ष संजय जैन और अन्य के खिलाफ मारपीट की एफआईआर दर्ज की है। कार्रवाई युवक के साथ मारपीट के वायरल वीडियो के आधार पर की गई है। पूरी खबर पढ़ें