मंदसौर ज्वाइंट कलेक्टर की पत्नी बोलीं-भरण-पोषण का दावा झूठा: इंदौर में कोर्ट नहीं पहुंचे अफसर, महिला ने कहा- पति को सस्पेंड करो – Indore News

मंदसौर ज्वाइंट कलेक्टर की पत्नी बोलीं-भरण-पोषण का दावा झूठा:  इंदौर में कोर्ट नहीं पहुंचे अफसर, महिला ने कहा- पति को सस्पेंड करो – Indore News


ज्वाइंट कलेक्टर राहुल चौहान और उनकी पत्नी निर्मला।

मंदसौर के ज्वाइंट कलेक्टर राहुल चौहान के खिलाफ इंदौर में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज होने के बाद अब उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही है। सोमवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद फैमिली कोर्ट में सुनवाई थी।

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इसमें पत्नी निर्मला तो पेश हुई लेकिन ज्वाइंट कलेक्टर पेश नहीं हुए। इसके चलते कोर्ट ने अगली तारीख 16 दिसंबर तय की है।

इसके साथ ही हाई कोर्ट के आदेश के परिपालन में दोनों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है। इस दौरान पत्नी ने पति द्वारा लगाए गए आरोपों को झुठलाया है।

‘दैनिक भास्कर’ से बात करते हुए निर्मला ने कहा कि पति कहते हैं, वे मुझे भरण पोषण के लिए 15 हजार रुपए प्रति माह देते हैं। यह बिल्कुल झूठ है। अगर ऐसा होता तो मैं फैमिली कोर्ट क्यों आती। हाई कोर्ट के आदेश पर भरण पोषण का केस रिस्टोर हुआ है, इसलिए अब फैमिली कोर्ट में केस चलेगा। मुझे न्याय की उम्मीद है लेकिन वे आज क्यों नहीं आए। इसका मतलब कि वे झूठ बोल रहे हैं।

मामले में आरोपों को सिरे से खारिज करती निर्मला।

मेरा उनसे कोई तलाक नहीं हुआ निर्मला ने कहा कि मेरा उनसे कोई तलाक नहीं हुआ है। मैं या मेरा परिवार उनसे एक करोड़ रुपए क्यों मांगेंगे बल्कि उन्होंने मुझे दहेज के प्रताड़ित किया है और उनके खिलाफ इंदौर में केस दर्ज किया है। मैंने उनका प्रताड़ना के बारे में जो कुछ कहा है सभी सही है। उन्होंने अपने पद के दबाव-प्रभाव का दुरुपयोग कर मुझे बेहद टार्चर किया।

वकील बोले- 8 दिसंबर को होगी सुनवाई मामले में निर्मला के एडवोकेट प्रवीण कचोले ने बताया कि सोमवार को पति राहुल चौहान कोर्ट में पेश नहीं हुए। प्रकरण की फाइल भी कोर्ट में उपलब्ध नहीं थी। यह फाइल रिकॉर्ड रूम से बुलवाई गई है। अब 8 दिसंबर से फिर से सुनवाई शुरू होगी। इसमें हाई कोर्ट के आदेश के तहत दोनों को व्यक्तिगत रूप से पेश होना जरूरी है।

फैमिली कोर्ट परिसर में निर्मला चौहान।

फैमिली कोर्ट परिसर में निर्मला चौहान।

पति की विभागीय जांच की जाएं निर्मला चौहान ने मांग की है कि पति के खिलाफ हुई एफआईआर के आधार पर उन्हें सस्पेंड किया जाना चाहिए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सके। उन पर शासकीय संपत्ति का दुरुपयोग करने और बिना तलाक दिए दूसरी शादी की तैयारी करने जैसे गंभीर कदाचारों के लिए विभागीय जांच शुरू की जाएं। यह मामला अब केवल घरेलू विवाद न रहकर, एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा पद के दुरुपयोग के खिलाफ कानूनी लड़ाई का मामला हो गया है।

प्रवीण कचोले।

प्रवीण कचोले।

वकील बोले- दंपती के दो केस पेंडिंग एडवोकेट कचोले के मुताबिक दंपती के दो केस पेंडिंग हैं। एक यह भरण पोषण का केस और दूसरा घरेलू हिंसा अधिनियम का है जो जिला कोर्ट इंदौर में चल रहा है। तीसरा जो दहेज का केस दर्ज हुआ है उसमें अभी चालान पेश होना है। इसके अलावा दो पुराने केस सेक्शन 9 और सेक्शन 13 के दोनों केस निरस्त हो चुके हैं। वर्तमान में तलाक का कोई केस नहीं चल रहा है। अगर राहुल चौहान कह रहे हैं कि भरण पोषण देते हैं तो वे झूठ बोल रहे हैं।

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मंदसौर जॉइंट कलेक्टर पर दहेज प्रताड़ना की FIR

इंदौर पुलिस ने मंदसौर के जॉइंट कलेक्टर राहुल चौहान के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की FIR दर्ज की है। पत्नी का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता रहा लेकिन अधिकारी होने के दबाव-प्रभाव के कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब महिला थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। बयान भी लिए हैं, लेकिन, सामान्य धाराओं में ही केस दर्ज कर लिया। पूरी खबर पढ़ें



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