पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) की पहल पर “हरित ऊर्जा कॉन्क्लेव 2025 – मध्य प्रदेश संस्करण” का आयोजन सोमवार को होटल कोर्टयार्ड मैरियट में किया गया। मध्य प्रदेश शासन, एम.ए.डी. आइडियाज, क्लैस्प तथा अन्य संस्थाओं के सहयोग से आयोजित इस कार्
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कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए मंत्री राकेश शुक्ला।
ऊर्जा मंत्री ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का शुभारंभ ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा–दक्ष उपकरण और नई तकनीकें आवश्यक हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव (आईएएस) ने अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि सरकार स्वच्छ ऊर्जा को मजबूत आधार देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
हरित तकनीक से ही सतत विकास संभव : डॉ. चौकसे
उद्घाटन सत्र में डॉ. अनुपम चौकसे, सह-अध्यक्ष, PHDCCI मध्य प्रदेश चैप्टर एवं चेयरमैन ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हरित ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता अपनाना अनिवार्य है। उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय को उन्होंने ऊर्जा परिवर्तन की अनिवार्य शर्त बताया।
सत्र का संचालन अतुल के. ठाकुर, वरिष्ठ सचिव, PHDCCI, ने किया। उन्होंने ऊर्जा दक्षता, नीतिगत सुधार और नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा को आगे बढ़ाया।

कार्यक्रम के दौरान अतिथिगण।
तकनीकी सत्रों में विस्तृत चर्चा दिनभर चले विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने ऊर्जा, दक्ष उपकरणों, स्वच्छ ऊर्जा के नए उपायों, हरित तकनीक को बढ़ावा, जन–निजी साझेदारी मॉडल पर अपने सुझाव रखे। टाटा पावर और डिज़ास्टर इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, भोपाल की सहभागिता से कार्यक्रम और प्रभावी बना।
कार्यक्रम के समापन पर अनिरुद्ध दुबे, सहायक आवासीय निदेशक, PHDCCI, ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव सरकार, उद्योग और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग का सशक्त मंच बनकर उभरा है और मध्य प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा तथा ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।