इस आइडिया ने बदल दी किसान की जिंदगी, एक फसल बेची नहीं कि दूसरी तैयार, सालाना लाखों की कमाई

इस आइडिया ने बदल दी किसान की जिंदगी, एक फसल बेची नहीं कि दूसरी तैयार, सालाना लाखों की कमाई


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Agri Tips: मंडप विधि से सेम, ककड़ी, बरबटी या गिलकी सबकी खेती कर सकते हैं. एक फसल टूटती है, तब तक दूसरी तैयार हो जाती है. दूसरी टूटती है, जब तक तीसरी तैयार हो जाती है. इस तरह से लगातार रोटेशन में आवक बनी रहती है और फायदा होता रहता है.

Agri Tips: मध्य प्रदेश के सागर में एक किसान की एक सलाह ने खेती की दशा और दिशा बदल दी. इस आइडिया पर काम करके किसान मात्र डेढ़ एकड़ से 4-5 लाख रुपए की सालाना कमाई करने लगे हैं. मनक्यई गांव के लोटन पटेल तीन-चार साल पहले सागर में आयोजित एक कृषि सम्मेलन में शामिल होने आए थे. यहां कृषि वैज्ञानिकों ने सोयाबीन, उड़द सहित अन्य फसलों में हो रहे नुकसान को देखते हुए सेम और अन्य सब्जियों की खेती करने की सलाह दी. मंडप विधि के बारे में बताया. उन्होंने इस विधि से खेती शुरू कर दी.

अब लोटन दूसरों के लिए भी मिसाल बन गए हैं. उन्हें देखकर आसपास के किसानों ने भी इसकी खेती शुरू कर दी है. किसान लोटन पटेल ने पहले साल ड्रिप मल्चिंग से 10 डिसमिल में इसकी शुरुआत की, जिसमें पारंपरिक फसल के मुकाबले दो-तीन गुना ज्यादा फायदा मिला. फिर पिछले 2 साल से ड्रिप मल्चिंग से डेढ़ एकड़ की जगह में इसकी खेती करनी शुरू कर दी. पहले जहां 50000 का साल भर में बड़ी मुश्किल से मुनाफा हो पता था, अब इसमें पिछले साल साढ़े 4 लख रुपए का मुनाफा हुआ.

ऐसे लगातार होता है फायदा
किसान लोटन बताते हैं कि मंडप विधि से वह सेम की खेती कर रहे हैं. इसके साथ वह ककड़ी, बरबटी या गिलकी भी लगा देते हैं. एक फसल टूटती है, तब तक दूसरी तैयार हो जाती है. दूसरी टूटती है, जब तक तीसरी तैयार हो जाती है. इस तरह से लगातार रोटेशन में आवक बनी रहती है और फायदा होता रहता है.

ऐसे करें खेती 
सेम लगाने के लिए सबसे पहले खेत को तैयार करते हैं. इसमें बेड बनाकर ड्रिप मल्चिंग बिछाते हैं. इसमें बेड पर सेम को लगाते हैं. बीच में जो जगह खाली बचती है, वहां पर कोई भी कम दिनों वाली भाजी लगा सकते हैं या कम दिनों वाली लता फसल लगा सकते हैं, क्योंकि जब तक सेम टूटना शुरू होगी, तब तक दूसरी फसलों से पैसा कमा सकते हैं.

किसानों का पसंद आ रहा ये फार्मूला
सागर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. केएस यादव बताते हैं कि सागर के बांदरी और माल्थोन तहसील में इस फसल की खेती के लिए किसान तेजी से आकर्षक हो रहे हैं, क्योंकि इसमें किसान को अपनी फसल बेचने के लिए मंडी नहीं जाना पड़ता है. व्यापारी खुद उनके खेत तक पहुंच रहे हैं और अच्छे भाव मिल रहे हैं. इस विधि से खेती करने पर दो-तीन फसल एक साथ ले सकते हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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आइडिया ने बदल दी किसान की जिंदगी, 1 फसल बेची नहीं, दूसरी तैयार, लाखों में इनकम



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