बड़वानी जिले के पानसेमल विधानसभा के छोटे से गांव मोरतलाई के रहने वाले जितेंद्र विनोद वाघ का चयन भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में हुआ है। जितेंद्र पोलियो से ग्रसित हैं और सीधे हाथ से दिव्यांग हैं। उन्हें 11 दिसंबर को भारतीय दिव्यांग क्रिकेट-कंट्रोल-बोर
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जितेंद्र को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था। वे अपने दोस्तों के साथ खेतों में क्रिकेट खेलते थे। दिव्यांगता के कारण उन्हें कई बार लोगों की बातों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में चयन होने से उनका बचपन का सपना सच हो गया है।
जितेंद्र ने बताया कि शारीरिक कमजोरी के कारण वे पहले हताश हो जाते थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि दिव्यांग श्रेणी में भी क्रिकेट होता है, तो उन्होंने निरंतर अभ्यास किया। गांव में सुविधाओं की कमी के बावजूद, उन्होंने पहले राज्य स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें नेपाल के साथ रांची में होने वाली सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है।
जितेंद्र की इस उपलब्धि के बाद उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के कई नेता और ग्रामीण उन्हें बधाई देने पहुंचे। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राम सोनोने ने इसे जिले और क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया।

सोनोने ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जितेंद्र ने अपने जोश और जज्बे से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जितेंद्र भारतीय टीम में अच्छा प्रदर्शन कर देश और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्रीय विधायक और सांसद के माध्यम से जल्द ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से चर्चा कर जितेंद्र को खेल निखारने के लिए आवश्यक सुविधाएं दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
जितेंद्र के गांव मोरतलाई के ग्रामीण पंडित लोटन माली ने भी इसे गांव के लिए गर्व की बात बताते हुए जितेंद्र के संघर्ष और कड़ी मेहनत की सराहना की।

मजदूरी कर के होटल पर काम कर के गली मोहल्ले खेत खलियानों में क्रिकेट खेलकर अपने जुनून को जिंदा रखा और आज एक बड़ा मुकाम पाया है कि इंडियन क्रिकेट टीम दिव्यांग में चयन हुआ है अब वह इंटरनेशनल टीम के साथ खेलेगा यह हमारे लिए गर्व ओर खुशी के पल है। वह दिव्यांग होने के बावजूद बड़े हौसले के साथ खेला ओर आज इंडिया टीम में चयन बड़ी बात है हमे गांव वालों को उसपर गर्व है और कामना है खूब आगे बढ़े।
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