एम्स फेस्ट से लौटते ही भोपाल GMC में विवाद: मैगी को लेकर शुरू हुई बहस, रॉड-डंडों से हमला, एक ICU में भर्ती, 15 छात्र निलंबित – Bhopal News

एम्स फेस्ट से लौटते ही भोपाल GMC में विवाद:  मैगी को लेकर शुरू हुई बहस, रॉड-डंडों से हमला, एक ICU में भर्ती, 15 छात्र निलंबित – Bhopal News


भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में 4 दिसंबर की रात एक मामूली सा विवाद बड़े हंगामे में बदल गया। एम्स भोपाल के रेटीना फेस्ट से लौटे कुछ MBBS छात्रों के बीच सुधामृत कैफे पर मैगी को लेकर हुई कहासुनी ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। कुछ ही मिनटों में हालात इतने ब

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चौंकाने वाली बात यह है कि जिन दो छात्रों को सबसे ज्यादा चोटें आईं पारस मरैया और डॉ. शैलेष चौधरी उनका विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। वे तो सिर्फ बीच-बचाव करने गए थे, लेकिन उन्हीं पर सबसे खतरनाक हमला हुआ।

डॉ. शैलेष को गंभीर हालत में ICU में भर्ती कराया गया है। घटना ने जीएमसी कैंपस के माहौल को हिला दिया है, जिसके बाद 5 दिसंबर की शाम अनुशासन समिति की बैठक में 15 छात्रों को निलंबित कर दिया गया।

हॉस्टलर्स और डे स्कॉलर्स के बीच हुई लड़ाई गांधी मेडिकल कॉलेज में गुरुवार देर रात लड़ाई हॉस्टलर्स और डे स्कॉलर्स के बीच हुई। प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, एम्स भोपाल के प्रतिष्ठित मेडिकल फेस्ट रेटिना 8.0 से लौटी डे स्कॉलर्स और हॉस्टलर्स की टीम ने अलग अलग कॉलेज परिसर के सुधामृत कैफे पर मैगी का ऑर्डर दिया।

इसके बाद एक साधारण सी मांग मैगी पहले किसकी बनेगी को लेकर विवाद शुरू हुआ। बात बढ़ी और मौखिक तकरार मारपीट में बदल गई। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, लड़ाई में शामिल कुछ छात्र नशे की हालत में भी थे, जिससे हिंसा अचानक और अनियंत्रित हो गई।

हॉस्टलर्स और डे स्कॉलर्स के बीच लड़ाई हुई।

बीच-बचाव करने वाले दो छात्र गंभीर रूप से घायल जिन दो लोगों पारस मरैया और डॉ. शैलेष चौधरी को सबसे गंभीर चोटें आईं, उनका विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। दोनों वहां लड़ाई शांत कराने पहुंचे थे। लेकिन तभी भीड़ में मौजूद कुछ छात्रों ने रॉड और डंडों से उनके ऊपर हमला कर दिया। प्रबंधन के अनुसार, यह हमला अचानक और अत्यधिक हिंसक था।

हमले में डॉ. शैलेष को सिर, हाथ और पैरों पर कई गहरी चोटें आईं। उन्हें तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, जहां उनकी हालत को देखते हुए उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया। पारस मरैया को उनके परिजन उपचार के बाद घर ले गए हैं। दोनों को गंभीर रूप से घायल देख अन्य छात्र डर और गुस्से में नजर आए।

डिसीप्लीनरी कमेटी ने की तत्काल बैठक घटना को गंभीरता से लेते हुए जीएमसी प्रशासन ने शुक्रवार शाम तात्कालिक आपात बैठक बुला ली। अधिष्ठाता डॉ. कविता एन. सिंह की अध्यक्षता में चीफ वार्डन, हॉस्टल वार्डन और संकाय सदस्यों ने पूरे प्रकरण की समीक्षा की। बैठक में यह पाया गया कि कई छात्रों के नाम मारपीट में सामने आए। प्रबंधन की रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।

ये 15 छात्र निलंबित, हॉस्टल खाली करने का आदेश जारी

MBBS 2023 बैच

  • अमन पांडे
  • देव रघुवंशी
  • विवेक मालवीय

MBBS 2024 बैच

  • पार्थ पाटीदार
  • शशांक पाटीदार
  • निखिल गौड़
  • पुष्पेंद्र कैन
  • ओम बजाज
  • आदर्श चौधरी
  • ऋषभ दामने
  • मधुर तिवारी
  • शिवम महावर
  • राहुल घाकड़
  • इकलेश धाकड़
  • अजय ब्राह्मणे

पुलिस जांच की अनुशंसा भी जीएमसी प्रबंधन से जारी आदेश के अनुसार, इन सभी मेडिकल स्टूडेंट्स को कॉलेज से निलंबित कर दिया है। वहीं, जो छात्र हॉस्टल में रहते हैं उन्हें रूम तुरंत खाली करने का आदेश दिया है। यह निलंबन अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा। साथ ही, कॉलेज ने पुलिस जांच की अनुशंसा भी की है। अब मामला कानूनी रूप भी ले सकता है।

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं गांधी मेडिकल कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. कविता एन सिंह ने कहा कि यह घटना गंभीर अनुशासनहीनता है। मेडिकल छात्रों से अपेक्षा की जाती है कि वे संयम और अनुशासन का पालन करें। कॉलेज परिसर में हिंसक घटना स्वीकार्य नहीं है। प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि आगे भी इसी तरह की घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।



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