ठगी की शिकायत करने एसपी ऑफिस से परिसर में खड़े पीड़ित किसान राजेंद्र पाल और उसका बेटा
ग्वालियर में एक किसान के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 10 लाख रुपए निकाल लिए। यह राशि किसान ने अपनी बेटी की शादी के लिए जमा की थी। हैरान करने वाली बात यह है कि ठगी के दौरान किसान को न कोई कॉल आया, न मैसेज और न ही उनका मोबाइल फोन बंद हुआ। यह घटना 4 दिसंब
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इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक पहुंचकर जानकारी ली, जहां उन्हें पता चला कि वे साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। ठगों ने किसान के खाते से तीन बार में 10 लाख रुपये की रकम अन्य खातों में ट्रांसफर की। साइबर अपराधियों ने पहली बार में 5 लाख, दूसरी बार में 3 लाख और तीसरी बार में 2 लाख रुपये निकाले। किसान और उनके बेटे ने शुक्रवार शाम को क्राइम ब्रांच साइबर सेल पुलिस को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सेल पुलिस ने किसान के आवेदन पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल पर बैंक से पैसे निकलने वाले मैसेज का स्क्रीनशॉट का फोटो
मुरार स्थित बड़ागांव निवासी राजेंद्र सिंह पाल पेशे से किसान है। बड़ागांव में ही एचडीएफसी बैंक में उनका खाता है। खाते में बेटे का मोबाइल नंबर दर्ज है, 4 दिसंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे राजेंद्र के बेटे रामबरन के मोबाइल पर पिता के खाते से 10 लाख रुपए कटने का मैसेज आया। मैसेज आने के बाद रामबरन पिता के साथ इसकी जानकारी लेने HDFC बैंक शाखा पहुंचा। बैंक मैनेजर ने बताया कि बैंक से कोई पैसे नहीं निकले हैं ना ही ट्रांसफर किए गए हैं, उसके बैंक खाते से ऑनलाइन के माध्यम से तीन बार में यह रकम किसी अन्य खाते में ट्रांसफर की गई है, और संभवता उनके साथ साइबर ठगों द्वारा ठगी की गई है। अपने साथ हुई ठगी का पता चलते ही रामवरन अपने पिता राजेन्द्र के साथ क्राइम ब्रांच साइबर सेल में पंहुचा और शिकायत आवेदन देकर शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
पीड़ित किसान बोला- न लिंक क्लिक किया, न OTP शेयर किया
ठगी के शिकार किसान राजेंद्र सिंह पाल ने दैनिक भास्कर को बताया कि उन्होंने किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं किया, न किसी को OTP बताया और न ही बैंक से संबंधित कोई जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें किसी अज्ञात कॉल या संदेश के माध्यम से भी कोई जानकारी नहीं मांगी गई थी। उनका मानना है कि ठगी की रकम रेफरेंस आईडी के माध्यम से ट्रांसफर की गई है। किसान राजेंद्र पाल ने बताया है कि उनकी बेटी की शादी अप्रैल महीने में है इसलिए उन्होंने अपने खेत का कुछ हिस्सा बेच दिया था और उससे मिले 10 लाख रुपए उन्होंने अपनी बेटी के लिए खाते में जमा करके रखे थे, उनका कहना है कि अब वह अपनी बेटी की शादी कैसे करेंगे अब तो उनकी मरने जैसी स्थिति हो गई है।
इस मामले में पुलिस बोली- जांच में स्पष्ट होगा फंड ट्रांसफर का तरीका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसान के खाते से लगभग दस लाख रुपए निकाले गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कोई गलती नहीं की, लेकिन बिना किसी चूक के रुपए निकलना संभव नहीं होता। मामले की जांच जारी है और बैंक और रेफरेंस आईडी ट्रांजैक्शन की टेक्निकल रिपोर्ट मांगी गई है।