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Jabalpur Crime News: जबलपुर में पश्चिम मध्य रेलवे की टेक्निकल ग्रेड-3 भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया. बिहार के मुकेश कुमार ने अपने नाम से नौकरी ज्वाइन की, जबकि परीक्षा और फिजिकल टेस्ट उसकी जगह किसी और ने दिए थे. प्रयागराज में प्रशिक्षण के दौरान बायोमेट्रिक mismatch होने से मामला उजागर हुआ.
Jabalpur News: जबलपुर से एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जहाँ पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) की भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है. यह मामला उन “मुन्नाभाइयों” जैसा है, जहाँ कोई और परीक्षा देता है और नौकरी कोई दूसरा व्यक्ति ज्वाइन कर लेता है. रेलवे की 2024 की टेक्निकल ग्रेड-3 परीक्षा में मुंगेर (बिहार) के रहने वाले मुकेश कुमार ने ऐसा ही किया. आरोप है कि परीक्षा और फिजिकल टेस्ट किसी और युवक ने दिया, लेकिन नौकरी की नियुक्ति मुकेश कुमार ने अपने नाम से ले ली.
जब चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए आईआरटीएमटीसी, प्रयागराज भेजा गया, तब वहाँ बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया. इसी बायोमेट्रिक्स और फोटो वेरिफिकेशन के दौरान यह खुलासा हुआ कि प्रशिक्षण लेने आए व्यक्ति का चेहरा और फिंगरप्रिंट परीक्षा के समय लिए गए बायोमेट्रिक डेटा से मेल नहीं खा रहे थे. अधिकारियों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत मुकेश कुमार से पूछताछ की. पूछताछ में पता चला कि परीक्षा और फिजिकल टेस्ट वास्तव में मुकेश ने नहीं दिए थे, बल्कि उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति ने परीक्षा दी थी.
रेलवे की टेक्निकल ग्रेड-3 परीक्षा में कुल 92 अभ्यर्थी चयनित हुए थे, जिनमें मुकेश भी शामिल था. लेकिन बायोमेट्रिक मैच न होने पर रेलवे ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी. जब फर्जीवाड़ा पक्का हो गया, तो रेलवे ने तुरंत मुकेश कुमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया. इसके बाद पूरा मामला सीबीआई को सौंप दिया गया. रेलवे की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि मुकेश की जगह परीक्षा देने वाला व्यक्ति कौन था, यह फर्जीवाड़ा कैसे और किसके सहयोग से किया गया, और क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है. रेलवे भर्ती परीक्षाओं में इस तरह के फर्जीवाड़े पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन रेलवे अब बायोमेट्रिक जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर ऐसे मामलों को पकड़ने में अधिक सक्षम हो गया है.
यह मामला भर्ती प्रक्रिया की सुरक्षा और निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. परीक्षा में सफल होने वाले योग्य उम्मीदवारों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मामलों ने रेलवे और अन्य भर्ती एजेंसियों को सुरक्षा और निगरानी और मजबूत करने की जरूरत का संकेत दिया है. इस घटना के बाद अन्य अभ्यर्थियों की भी दोबारा बायोमेट्रिक जांच की जा सकती है. रेलवे ने साफ किया है कि फर्जी तरीके से नौकरी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
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Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two and Half Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has…और पढ़ें