देशभर में बढ़ रहे छात्र आत्महत्या के मामलों को देखते हुए धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सोमवार को बैठक की। कलेक्टर ने इसे बेहद संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि अब शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर तुरंत और गंभीर कदम उठाना जरूरी है
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सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन क्या कहती है?
कलेक्टर ने बताया कि गाइडलाइन का उद्देश्य छात्रों के तनाव व मानसिक दबाव को समझकर ऐसी घटनाओं को रोकना है। इसके तहत संस्थानों को छात्रों के भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर काम करना होगा, ताकि वे तनाव से बाहर निकल सकें और मानसिक सहायता प्राप्त कर सकें।
टास्क फोर्स बनेंगी, संस्थानों की जांच भी होगी
गाइडलाइन में डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स (DTF) बनाने, निजी कोचिंग संस्थानों के लिए नियम तय करने और मानसिक स्वास्थ्य सुधार की व्यवस्था शामिल है। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण के दौरान छात्रों से बात कर उनकी मनोदशा समझी जाए और आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएं। बाग में हाल ही में हुई छात्रा आत्महत्या मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हॉस्टल वार्डन व चौकीदार पर कार्रवाई की जा चुकी है।
कलेक्टर ने कहा कि छात्रों के लिए तनावमुक्त और सुरक्षित वातावरण बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। मानसिक समर्थन सेवाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक पहुँचाई जाएगी। इसके लिए गवर्नमेंट मेंटल हॉस्पिटल, टेली मानस और उमंग हेल्पलाइन नंबर को प्रचारित करने के निर्देश दिए गए हैं।