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Husband Wife Dispute Cases: ग्वालियर में नवविवाहित जोड़ों के बीच मामूली बातों पर बड़े झगड़े हो रहे हैं. मामला थाने पहुंच रहा है. फिर नौबत तलाक की आ रही है. 2025 में 2250 केस सामने आ चुके. काउंसलर ने बताया कि कैसे-कैसे मामलों में उन्होंने पति-पत्नी को समझाया…
Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में वैवाहिक जीवन की नींव मामूली बातों पर ही हिल रही है. नवविवाहित जोड़ों के बीच रोटी तिरछी बनने, चाय में चीनी ज्यादा-कम होने, मेकअप का खर्च न करने या मायके से डॉगी लाने जैसी छोटी-मोटी बातों पर झगड़े हो रहे हैं, जो घर से निकलकर थाने की दहलीज तक पहुंच जा रहे हैं. थाने में पहुंचते ही पति-पत्नी एक-दूसरे से तलाक की मांग करने लगते हैं. हालांकि, काउंसलिंग से कई जोड़े सुलह कर रहे हैं.
काउंसलिंग में आते हैं ऐसे मामले…
परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर महेंद्र शुक्ला ने बताया मामूली झगड़ों में ही नव विवाहित जोड़े ग्वालियर पुलिस के पास तलाक के लिए पहुंच रहे हैं. अगर पति-पत्नी के झगड़ों की बात करें तो उनकी वजह कई बार मामूली होती है. यहां देखें कुछ उदाहरण…
- पत्नी से रोटी तिरछी बनी तो विवाद हो गया. मामला थाने तक पहुंचा. दोनों पक्ष तलाक पर अड़ गए. अल्कापुरी निवासी महिला ने बताया कि गोल रोटी न बनाने पर पति और सास अकसर ताने मारते थे.
- मुरार में पति को चाय में चीनी ज्यादा या कम होने पर गुस्सा आ जाता था. बात इतनी बढ़ गई कि पति ने पत्नी से मारपीट कर दी. बात तलाक तक पहुंच गई.
- एक पत्नी अपने मायके से कुत्ता ले आई. पति और ससुराल वालों को कुत्ता पसंद नहीं था. झगड़ा हुआ पति ने कहा दे दो तलाक.
- एक झगड़ा थाने पहुंचा. पत्नी का आरोप है कि पति मेकअप के लिए मोटा खर्च नहीं देता. झगड़ा बढ़ा तो पत्नी बोली दे दो तलाक.
- पति अपने घरवालों पर खर्च ज्यादा करता है. पत्नी को पसंद नहीं आया. बोली दे दो तलाक.
- पत्नी मायके वालों से मोबाइल पर ज्यादा बात करती थी. पति को पसंद नहीं आया. बात बढ़ी, विवाद हुआ. पति बोला दे दो तलाक.
ग्वालियर में पति-पत्नी विवाद की स्थिति
महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया ने बताया, ग्वालियर में छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा हो रहा है, जिसके चलते थानों में घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के मामले साल दर साल बढ़ रहे हैं. 2022 में महिला थाने में पारिवारिक विवाद के1499 केस दर्ज हुए थे. वहीं 2025 में 2250 केस रजिस्टर्ड हुए हैं. इनमें से 1600 मामलों का काउंसलिंग और समझाइश के बाद सुलह हो गई, वहीं 650 मामले कोर्ट में तलाक या FIR के बाद पहुंचे हैं.
काउंसलिंग से निकल रहा हल
वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि पति पत्नी के झगड़ों से रिश्ते बिगड़ने की कगार पर थे, लेकिन काउंसलिंग टेबल पर बैठकर जब दंपतियों ने एक-दूसरे की बातें सुनीं, तो तस्वीर धीरे-धीरे बदलने लगी. महिलाओं ने तमाम परेशानियों के बावजूद रिश्ते को बचाने का फैसला किया और पुरुषों ने भी बदलाव की जिम्मेदारी स्वीकार की.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें