रायसेन में पिछले चार दिनों से रात का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। कड़ाके की ठंड के बीच मंगलवार सुबह खुले मैदानों और सब्जी के बगीचों में ओस की बूंदें जमी हुई देखी गईं।
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शहर के खेल मैदानों में सुबह की सैर के लिए पहुंचे युवाओं ने बताया कि पिछले चार दिनों से पड़ रही तेज सर्दी के कारण उन्हें मॉर्निंग वॉक में परेशानी हो रही है। ओस के कारण कपड़े गीले हो जाते हैं, जिससे ठंड और बढ़ जाती है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण मध्य प्रदेश के साथ रायसेन भी कड़ाके की ठंड और शीत लहर की चपेट में है। अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
सुबह तेज सर्दी के बाद दिन में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन शाम होते ही ठंड फिर बढ़ जाती है। इससे बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। पिछले चार दिनों से रात का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच है।
पहाड़ी इलाकों से घिरा होने के कारण रायसेन में अन्य जिलों की तुलना में अधिक ठंड पड़ती है। सर्दी के मौसम में यह क्षेत्र एक हिल स्टेशन जैसा प्रतीत होता है। किले की पहाड़ी से सूर्यास्त का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है, जिसे कैमरे में कैद करने के लिए कई पर्यटक शाम के समय किले पर पहुंचते हैं।
इसके अतिरिक्त, किले की पहाड़ी से चारों ओर कोहरे और हरियाली का बेहद खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलता है, जो पर्यटकों को आकर्षित करता है।
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