वक्फ दावे से गांव में मचा बवाल… प्रशासन ने संभाली कमान, दरगाह परिसर में शुरू हुआ अतिक्रमण हटाना

वक्फ दावे से गांव में मचा बवाल… प्रशासन ने संभाली कमान, दरगाह परिसर में शुरू हुआ अतिक्रमण हटाना


अमित जयसवाल,  

Khandwa News: एमपी के खंडवा जिले के सिहाड़ा गांव में आज सुबह अचानक प्रशासन और पुलिस का बड़ा अमला पहुंच गया. भारी संख्या में अधिकारी, पुलिसकर्मी और राजस्व विभाग की टीम गांव में गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई. गांव में पिछले कई दिनों से वक्फ संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर चर्चाओं में है. दरअसल, मामला सिहाड़ा गांव की उस जमीन से जुड़ा है, जिसके बारे में दावा किया गया था कि यह वक्फ की संपत्ति है. गांव के बीच में स्थित दरगाह, इमामबाड़ा और ईदगाह की जमीन को वक्फ संपत्ति बताया गया था, लेकिन विवाद तब बढ़ने लगा जब यह कहा जाने लगा कि जिस एरिया में यह धार्मिक स्थल आते हैं, उसी में पूरा गांव भी आता है और इस वजह से यह भ्रम पैदा हो गया कि पूरा गांव ही वक्फ संपत्ति में आता है.

ग्राम पंचायत ने दिया था आवेदन
ग्राम पंचायत ने करीब एक महीने पहले जिला प्रशासन को आवेदन दिया था कि दरगाह के आसपास अतिक्रमण बढ़ रहा है और कई जगह तार फेंसिंग भी लगा दी गई है. ग्राम पंचायत ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी. इसी शिकायत के आधार पर आज प्रशासन की टीम गांव में कार्रवाई करने पहुंची.

वहीं, इसके जवाब में स्थानीय वक्फ कमेटी और पीर मौजा सिहाड़ा कमेटी ने भोपाल स्थित वक्फ ट्रिब्यूनल में दावा किया था कि वे केवल दरगाह, इमामबाड़ा और ईदगाह की जमीन को वक्फ संपत्ति बता रहे हैं, पूरे गांव के बारे में नहीं बोल रहे हैं. उनके मुताबिक, खसरा क्रमांक 781 में मौजूद 14.0500 हेक्टेयर जमीन में से सिर्फ धार्मिक स्थलों वाली जगह ही वक्फ की है, न कि गांव के सभी मकान और जमीन की है.

गांव की आबादी लगभग 10 हजार
वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों- ग्राम पंचायत और वक्फ कमेटी को 10 नवंबर को सुनवाई के लिए बुलाया था. गांव की आबादी लगभग 10 हजार है और यहां करीब 1100 मकानों में हिन्दू और मुस्लिम परिवार साथ रहते हैं.

आज प्रशासन की टीम दरगाह के आसपास बने अस्थायी अतिक्रमण, दुकानों और तार फेंसिंग को हटाने के लिए पहुंची. इसी बीच मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी तरह की तनावपूर्ण स्थिति न बने. स्थानीय लोगों के अनुसार, कई सालों से यह जमीन विवाद चल रहा था, लेकिन हाल ही में जब पूरे गांव की जमीन को वक्फ संपत्ति बताने की बात सामने आई तो मामला तेजी से तूल पकड़ गया. हालांकि, वक्फ कमेटी के अनुसार, उन्होंने कभी पूरे गांव पर दावा नहीं किया, बल्कि केवल धार्मिक स्थलों पर उनका अधिकार है. आज की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जमीन पर चल रहा विवाद का समाधान हो सकेगा और भ्रम की स्थिति दूर होगी.



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