दिसंबर खत्म होने से पहले घर या खेत में बो दें तेजी से उगने वाली ये 5 सब्जियां, फरवरी से कर सकेंगे कटाई

दिसंबर खत्म होने से पहले घर या खेत में बो दें तेजी से उगने वाली ये 5 सब्जियां, फरवरी से कर सकेंगे कटाई


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December Agriculture Tips: दिसंबर का आखिरी दौर किसानों और किचन गार्डन प्रेमियों के लिए बेहद अहम माना जाता है. क्योंकि इसी समय कई ठंड-सहनीय सब्जियां तेजी से बढ़ती हैं और कम समय में तैयार भी हो जाती हैं. जानें खेती की खास टिप्स… 

Agriculture Tips: सर्दी का मौसम अपने आखिरी पड़ाव पर है, लेकिन ठंड की रौनक अब भी खेती के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है. दिसंबर के अंतिम हफ्तों में भी कुछ चुनिंदा सब्जियां ऐसी हैं, जिन्हें बोकर किसान और घरेलू बागवान जनवरी-फरवरी में ताजी, हरी और पोषक फसल का आनंद ले सकते हैं. मौसम की नरम ठंड, सुबह की हल्की धूप और मिट्टी की नमी इन सर्दियों वाली फसलों की बढ़वार के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ लगातार किसानों और किचन गार्डन प्रेमियों को दिसंबर समाप्त होने से पहले तेजी से बुवाई करने की सलाह दे रहे हैं, ताकि सीजन का पूरा फायदा उठाया जा सके.

दिसंबर में किन सब्जियों की बुवाई फायदेमंद?
खेती विशेषज्ञों के अनुसार पालक, मेथी, धनिया, मूली और गाजर जैसी सब्जियां सर्दियों की सबसे भरोसेमंद फसलें मानी जाती हैं. लोकल 18 से बातचीत में कृषि विशेषज्ञ अंशुमन सिंह बताते हैं कि इन सब्जियों की बुवाई दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक भी पूरी तरह संभव है. उनका कहना है कि यदि बुवाई वैज्ञानिक तरीकों से की जाए तो फरवरी-मार्च से किसान आराम से इन फसलों की कटाई शुरू कर सकते हैं. पालक और मेथी जैसी हरियाली वाली फसलें ठंड के मौसम में तेजी से बढ़ती हैं, जबकि मूली और गाजर की जड़ें सर्द मिट्टी में बेहतर आकार और स्वाद के साथ तैयार होती हैं. धनिया भी इस सीजन में बेहद सुगंधित और घनी उगती है. यही वजह है कि दिसंबर एंड तक की गई बुवाई किसानों के लिए लाभदायक साबित होती है.

कैसे करें सही तरीके से बुवाई?
विशेषज्ञों का कहना है कि इन फसलों के अच्छे उत्पादन के लिए मिट्टी का भुरभुरा और हल्का होना बेहद जरूरी है. बुवाई के दौरान बीजों को बहुत गहराई में न दबाएं और लाइन सोइंग के माध्यम से कतारों में बोएं जिससे न सिर्फ पौधों की देखभाल आसान होती है बल्कि सिंचाई और निराई गुड़ाई में भी सुविधा मिलती है. मेथी और गाजर के बीजों को बोने से कुछ घंटे पहले हल्का भिगो लेने से अंकुरण बेहतर होता है. बुवाई के समय गोबर की खाद या कम्पोस्ट डालना फसलों की शुरुआती वृद्धि को तेज करता है. बाद में पौधों की जरूरत के अनुसार तरल खाद दी जा सकती है.

पाले से बचाना क्यों ज़रूरी?
दिसंबर और जनवरी में पाला पड़ने का खतरा सबसे अधिक रहता है जो नवअंकुरित पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे में विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि बुवाई के बाद पौधों को सूखी घास, हल्की मल्चिंग या जूट के टाट से ढककर सुरक्षा दी जा सकती है. इससे तापमान नियंत्रित रहता है और पौधे ठंड से सुरक्षित रहते हैं.

कितने दिनों में मिल जाएगी फसल?
मूली- 30 से 50 दिन, मेथी- 30 से 40 दिन, पालक- 40 से 50 दिन, धनिया- 40 से 60 दिन और गाजर- 70 से 80 दिन में तैयार हो जाएगी. इन सब्जियों की बुवाई दिसंबर के अंत तक करने पर जनवरी से लेकर फरवरी-मार्च तक लगातार ताजी फसल मिलती रहती है जो ना सिर्फ घरेलू उपयोग बल्कि स्थानीय बाजारों में भी अच्छी कमाई का अवसर देती है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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