सिंगरौली में बड़े स्तर पर हो रही पेड़ कटाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने दावा किया है कि जिले में पेड़ों की कटाई का आंकड़ा प्रशासन द्वारा बताए गए 33 हजार से कहीं ज्यादा है। उनका कहना है कि वास्तव
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विधायक बोले- कई पेड़ों पर नंबरिंग नहीं, फिर भी काट दिए गए
भूरिया ने एक वीडियो जारी कर बताया कि जमीन पर निरीक्षण के दौरान कई ऐसे पेड़ मिले जिन पर नंबरिंग ही नहीं की गई थी, जबकि उन्हें भी काटा जा चुका था। उन्होंने कहा कि यदि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होती, तो हर पेड़ को नंबर देने के बाद ही काटने की अनुमति दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन असली स्थिति सामने नहीं आने देना चाहता।
कांग्रेस विधायक भूरिया ने दावा किया कि पेड़ों की कटाई का आंकड़ा प्रशासन के आंकड़ों से कहीं ज्यादा है।
कांग्रेस की टीम ने दो दिन किया दौरा
यह मामला तब सामने आया जब 10 और 11 दिसंबर को कांग्रेस की 12 सदस्यीय टीम ने सिंगरौली के कई इलाकों का दौरा किया। टीम का उद्देश्य भू-अधिग्रहण से प्रभावित लोगों की समस्याओं को समझना और पेड़ कटाई की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था।

कांग्रेसी नेता बंधा कोल माइंस के प्रभावित परिवारों से मिले।
प्रभावित परिवारों से मिले
गुरुवार को विधायक विक्रांत भूरिया, पूर्व राज्यसभा सांसद मीनाक्षी नटराजन सहित अन्य कांग्रेसी नेता बंधा कोल माइंस के प्रभावित परिवारों से मिले। यह परियोजना एक्सेल माइनिंग कॉरपोरेशन द्वारा चलाई जा रही है, जिसमें बंधा, पचोर, देवरी, तेंदुआ और बड़ी झरिया गांव शामिल हैं। ग्रामीणों ने नेताओं को भूमि अधिग्रहण, मुआवजे की कमी, विस्थापन और तेजी से नष्ट होते जंगलों से जुड़ी समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया।

कांग्रेसी बोले- सबूत केंद्र को भेजेंगे, आगे आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायतें, दस्तावेज और पेड़ कटाई से जुड़े वीडियो प्रमाण केंद्र की कमेटी के सामने रखे जाएंगे। इसके बाद पार्टी आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय करेगी। नेताओं ने बताया कि पेड़ कटाई और ग्रामीणों की समस्याओं पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।