.
जिले के गोगावां विकासखंड की कई ग्रामों का कलेक्टर भव्या मित्तल ने गुरुवार को भ्रमण कर कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसानों से संवाद कर उनकी तकनीकों, उत्पादन और अनुभवों की जानकारी ली। कलेक्टर का उद्देश्य नवीन कृषि मॉडल को गांव-गांव तक प्रसारित कर किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी लाना रहा।
उन्होंने दौरे की शुरुआत ग्राम मगरिया से हुई, जहां किसान संजय कुशवाह द्वारा एक ही खेत में बनाए गए मल्टीलेयर फार्मिंग मॉडल का अवलोकन किया। इस तकनीक के अंतर्गत पपीता, लौकी और अदरक जैसी फसलें एक साथ उगाई जा रही हैं। कलेक्टर ने कृषि व उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिए कि इस मॉडल के लाभ अन्य किसानों तक पहुंचाए जाएं और अधिक से अधिक किसानों को ऐसे खेतों का विजिट कराया जाए।
कलेक्टर ने ग्राम गोवाड़ी पहुंच किसान मनोज कुशवाह के पॉलीहाउस का निरीक्षण किया। यहां नर्सरी उत्पादन के साथ खीरा व शिमला मिर्च की फसलें भी ली जा रही हैं। मनोज के नवाचार व पूरे परिवार के सहयोग की कलेक्टर ने सराहना की। ग्राम बजरंगपुर में उन्होंने गोगावां फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) द्वारा महिला स्वसहायता समूहों के साथ किए जा रहे मिर्च व प्याज के बीज उत्पादन कार्यक्रम की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया उन्हें मजदूरी के साथ एफपीओ के लाभ का 50 प्रतिशत हिस्सा भी मिलेगा, जो जिले में एक अनोखी पहल है। एचडीपीएस से लगाए केले के पौधे देखे
ग्राम बोरगांव में कलेक्टर ने किसान धीरेंद्र राठौर द्वारा हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (एचडीपीएस) से लगाए गए 1700 केले के पौधों और तरबूज की अंतरवर्ती फसल का निरीक्षण किया। इसी गांव में किसान मानसिंह चौहान के ड्रीप आधारित चने की फसल देखकर कलेक्टर ने जल-संरक्षण आधारित खेती को बढ़ावा देने की बात कही। अंत में ग्राम बैजापुर में प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत बने बायो रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण किया गया, जहां जीवामृत, वर्मी कम्पोस्ट और उन्नत कृषि मॉडलों की जानकारी दी गई। पूरे निरीक्षण में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, नाबार्ड और एफपीओ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।