मोहन सरकार के 2 साल: निवेश, रोजगार, नदियों का जुड़ाव और नक्सलवाद पर कड़ी चोट, अब नहीं रुकेगा विकास

मोहन सरकार के 2 साल: निवेश, रोजगार, नदियों का जुड़ाव और नक्सलवाद पर कड़ी चोट, अब नहीं रुकेगा विकास


Mohan Yadav Sarkar Ke 2 Saal: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी सरकार के दो साल के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मध्य प्रदेश में विकास के कई बड़े कदम उठाए गए हैं. इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि इसी मंच से सरकार यह बताएगी कि उसने किन योजनाओं पर अधिक काम किया, किस तरह किसान, युवा, महिलाएं और गरीब वर्ग को मदद मिली और आने वाले समय में सरकार का क्या रोडमैप है. सीएम मोहन यादव पहले ही कई मंचों पर कह चुके हैं कि प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना उनकी प्राथमिकता है.

सरकार की तरफ से मिलने वाली जानकारी के मुताबिक,  शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, रोजगार, कृषि और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कई बड़े निर्णय लिए गए हैं. इन फैसलों का असर जमीन पर कितना दिखा, यह भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया जाएगा. साथ ही, मुख्यमंत्री अपने दो साल के कार्यकाल में सामने आई चुनौतियों और उनके समाधान पर भी बात कर सकते हैं.

दो साल पूरे होने पर जनता को सदेश
मध्य प्रदेश की जनता और मीडिया दोनों इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि सीएम मोहन यादव किन उपलब्धियों को सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं. यह भी उम्मीद है कि वे आने वाले समय के लिए कुछ नई घोषणाएँ या योजनाएं भी प्रस्तुत कर सकते हैं. सरकार के प्रवक्ताओं का कहना है कि इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और जनता को सीधे जानकारी देना है. मोहन सरकार के दो साल पूरे होने पर बुलाई गई यह प्रेस कॉन्फ़्रेंस सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता को जवाब देने और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश करने का अवसर भी है.

सरकार ने उठाए कई बड़े कदम
सरकार ने 18 नई नीतियों को मंजूरी दी और कुल 32 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए, जिनमें से लगभग 8.57 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर भी लाया गया. इसके अलावा 26 औद्योगिक पार्क और क्लस्टर को मंजूरी मिली और 33 मौजूदा इलाकों को उन्नयन दिया गया. निवेशकों के लिए आयोजित इन्वेस्टर मीट में 23 लाख से अधिक रोजगार सृजन के प्रस्ताव आए. मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भी भारत और एमपी के निवेश को महत्व दिया जा रहा है. उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व और विकास के रास्ते निकालने के काम की भी सराहना की.

नक्सलवाद और जल संसाधनों के क्षेत्र में उठाए बड़े कदम
नक्सलवाद पर बोलते हुए सीएम ने बताया कि पिछले 42 दिनों में 42 नक्सलियों ने सरेंडर किया और 10 बड़े नक्सली मारे गए. उन्होंने कहा कि अब नक्सलवाद को खत्म करने में काफी सफलता मिली है, और अधिकारी चुनिंदा इलाकों में टारगेट लेकर काम कर रहे हैं. जल संसाधनों के क्षेत्र में भी सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं. केन-वेता लिंक परियोजना और पार्वती-चंबल-कालिसिंध लिंक परियोजना जैसी परियोजनाएं शुरू की गई हैं. इन परियोजनाओं से न केवल जल संकट कम होगा, बल्कि राज्यों के बीच पानी के विवाद भी खत्म होंगे.

सिंहस्थ के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षिप्रा नदी पर 29 किलोमीटर में घाट निर्माण और 21 बैराज का कार्य कराया. 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर संतों के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई. कृषि और उद्योग में भी सरकार ने कई पहल की हैं. सागर में खाद का कारखाना शुरू होने वाला है और मुरैना में पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के जरिए बिजली 2.70 पैसे प्रति यूनिट की दर से मिल रही है. उन्होंने कहा कि अब एमपी का कॉटन भी स्थानीय स्तर पर धागा और कपड़ा बनने में इस्तेमाल हो रहा है.

केमिकल कचरे का समाधान
सरकार ने भोपाल में केमिकल कचरे का निष्पादन, नए मेट्रोपॉलिटिन शहर, ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेसवे, कार्गो एयरपोर्ट और एविएशन नेटवर्क का विस्तार किया है. हेलीकॉप्टर सेवाओं को उज्जैन, ओंकारेश्वर और पचमढ़ी जैसे धार्मिक स्थलों तक बढ़ाया गया. ऊर्जा क्षेत्र में एमपी ने पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराई है. सरकार ने स्थापना दिवस के आयोजन को एक दिन से बढ़ाकर तीन दिन किया और धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाई. जल संरक्षण अभियान, पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और गौ शालाओं की संख्या बढ़ाकर लोगों को गोबर, गौ मूत्र और दूध-घी जैसी वस्तुएं उपलब्ध कराना भी सरकार की प्रमुख पहल रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपी में विकास का काम लगातार जारी है और जनता के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हर क्षेत्र में काम तेजी से चल रहा है.



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