ग्वालियर में एक युवक की मौत को 15 महीने हो चुके हैं और अब पुलिस ने मृतक के खिलाफ आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार) का मामला दर्ज किया है। युवक ने पांच साल के बेटे की लाइलाज बीमारी से आहत होकर खुद को देसी कट्टे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
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जांच के बाद पुलिस ने उस पर आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की है। यह तय करने में 15 महीने लगे कि जिस कट्टे से युवक ने खुद को गोली मारी, वह अवैध था या नहीं। अब पुलिस अफसर एफआर लगाने की तैयारी में हैं।
देसी कट्टा अवैध था या नहीं, पता लगाने में लगे 15 महीने
चीनौर के पुरा बनवार में युवक के खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में, घटना स्थल से मिला 315 बोर का देसी कट्टा अवैध है या नहीं, यह पता लगाने में पुलिस को 15 महीने लग गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना स्थल से जब्त देसी कट्टे की जांच शुरू की थी। लगभग सवा साल तक पुलिस सिर्फ यह तय करती रही कि कट्टा अवैध है या नहीं। अब जाकर पुलिस ने मृतक पर ही अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज किया है।
ऐसे समझिए पूरा मामला
ग्वालियर के चीनौर, पुरा बनवार में 32 वर्षीय संतोष बघेल पुत्र सिरनाम सिंह बघेल लंबे समय से अवसाद में था। उसकी इस परेशानी की वजह उसका 5 वर्ष का बेटा फोटू था, जो लगातार अस्वस्थ रहता था। इसी कारण संतोष गहरे डिप्रेशन में चला गया। परिवार उसका इलाज करा रहा था, लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा था।
16 सितंबर 2024 को संतोष के भाई रंजीत बघेल को किसी ने सूचना दी कि घर पर कोई हादसा हो गया है। रंजीत जब दौड़कर पहुंचा तो खेत के किनारे बनी कुठरिया में संतोष खून से लथपथ पड़ा था। पास ही एक देसी कट्टा रखा हुआ था।
गांववालों ने संतोष को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद चीनौर थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम किया।
मौत से दो दिन पहले देवता स्थल पर भी ले गए थे
पांच साल के बेटे के बीमार होने से अवसाद में चल रहे पिता संतोष बघेल का परिवार डॉक्टरों से इलाज करा रहा था। खुद को गोली मारने से दो दिन पहले परिजन उसे हरीपुरा गांव के देवता स्थल पर भी ले गए थे। उन्हें लगा कि संतोष पर कोई ऊपरी बाधा है, लेकिन वहां ले जाने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उसने खुद को गोली मारकर जान दे दी।
अब एफआर लगेगी
इस मामले में चीनौर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि संतोष बघेल ने जिस कट्टे से आत्महत्या की, वह अवैध था। वह बेटे की बीमारी के कारण डिप्रेशन का शिकार था। अब एफआर लगेगी।