अनुज गौतम, सागर: कुछ बड़ा करने की चाह में एक 14 साल का बच्चा छोटे से शहर सागर से निकलकर दिल्ली पहुंचा, यहां बड़े स्कूल में एडमिशन पाने चाय की दुकान और स्टेशनरी पर काम किया, स्कॉलरशिप पर एनएसडी में दाखिला मिला, और फिर यहां से जीवन की दशा बदल गई. उन्होंने एक्टिंग की बारीकियां सीखकर फिल्मी दुनिया में कदम रखा तो ऐसा मुकाम हासिल किया कि वे हर एक बड़े प्रोड्यूसर की पसंद बन गए, उन्होंने कई दिग्गज अभिनेताओं और अभिनेत्री के साथ काम किया अब तक वह 200 से अधिक फिल्म कर चुके हैं.
फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव अपनी अदाकारी के लिए टॉप फाइव एक्टर्स में गिने जाते हैं, जो कैरेक्टर में डूब कर हर दर्शक को अपना दीवाना बना लेते हैं. उनके साथ अनुपम खेर जैसे कलाकार ने nsd में एक्टिंग की बारीकिया सीखी है.
फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव ने local 18 से बात करते हुए बताया उन्हें बचपन से ही हर कार्य को परफेक्ट करने और अब्बल आने की जिद रहती थी पढ़ाई में मैं हर कक्षा में फर्स्ट आते थे खेलने में चाहे गुल्ली डंडा हो, कंचे हो या कबड्डी वह खेल में भी घंटो तक अकेले प्रैक्टिस करते रहते थे, कौन है आत्मकथाएं पढ़ने का शौक था महात्मा गांधी सुभाष चंद्र बोस भगत सिंह जैसे लोगों की कहानी पढ़ते थे जिसमें एक कहानी उन्होंने महात्मा गांधी की पड़ी थी कि उन्होंने बहुत मुश्किलों से लंदन में जाकर पढ़ाई की थी और यही बात गोविंद नामदेव के दिल पर लग गई उन्होंने सोचा कि जब महात्मा गांधी विदेश में जाकर पढ़ाई कर सकते हैं तो मैं देश की किसी बड़ी जगह पर क्यों नहीं पहुंच सकता.
14 साल की उम्र में ही दिल्ली पहुंच गए थे उसे समय आठवीं क्लास में पढ़ाई कर रहे थे वहां पर जाकर एक बड़े स्कूल के सामने चाय की दुकान पर और स्टेशनरी पर काम किया चाय की दुकान पर काम करने के दौरान स्कूल के शिक्षकों से उनकी मुलाकात हुई और फिर उस स्कूल में एडमिशन भी जैसे तैसे करके हो गया और इस दौरान उन्होंने एक प्रेस में भी काम किया नवमी से लेकर 12वीं तक वह इस स्कूल में भी अब्बल आए इसके साथ कल्चरल एक्टिविटी में भी हिस्सा लेती रहे एक-एक कार्यक्रम में वह चार-चार परफॉर्मेंस देते थे,
एक बार नेशनल स्कूल आफ ड्रामा में दो स्कॉलरशिप निकली थी, इसके लिए गोविंद नामदेव ने भी अप्लाई किया, उनकी कल्चरल एक्टिविटी और एक मां पर लिखे संवाद की प्रस्तुति को देखकर एनएसडी में चयन हो गया था. साल 1978 में उन्होंने नेशनल स्कूल आफ ड्रामा में कोर्स किया और 1979 पहली बार 10 दिन की वर्कशॉप की जो सागर विश्वविद्यालय में उसे समय के जाने माने वंशी कौल की असिस्टेंट थे जो 10 दिन की थी फिर हर साल यह वर्कशॉप होने लगी गोविंद नामदेव ने ही फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा मुकेश तिवारी और श्रीवर्धन त्रिवेदी जैसे लोगों को ट्रेंड किया था जिनका एक साथ एक शहर से सिलेक्शन हुआ था जो समय सबके लिए हैरान कर गया था, लेकिन यह गोविंद नामदेव की मेहनत का परिणाम था.
एक्टिंग की दुनिया में बड़ा नाम कमाने वाले गोविंद नामदेव का फिल्मी करियर शोला और शबनम से शुरू हुआ था. लेकिन इसके पहले उन्होंने दिलीप कुमार और राजकुमार की सुपरहिट फिल्म सौदागर में भी काम किया था लेकिन फिल्म की लंबाई अधिक होने की वजह से इनके सारे सीन कट कर दिए गए थे. अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, सनी देओल, ऋषि कपूर, अजय देवगन ,गोविंद, अक्षय कुमार परेश रावल अनुपम खेर जैसे सभी अभिनेताओं के साथ उनकी बड़ी-बड़ी सुपरहिट फिल्में है.
शोला और शबनम, चमत्कार, आंखे, बैंडिट क्वीन, प्रेम ग्रंथ,सत्या, सरफरोश, पुकार, कयामत, वॉन्टेड, ओह माय गॉड जैसी 200 फिल्म कर चुके हैं और पांच फिल्मों की शूटिंग कंप्लीट हो गई है आने वाले समय में पांच फिल्मों के साथ तीन वेब सीरीज में भी वह नजर आएंगे.
हालांकि इन सब चीजों में गोविंद नामदेव कहते हैं कि उन्हें ईश्वर का बड़ा साथ मिला क्योंकि अक्सर जैसा लोग सोचते हैं वैसा होता नहीं है लेकिन मेरी जिंदगी में वैसा हुआ जैसा जैसा मैंने सोचा इसलिए में ईश्वर की बड़ी कृपा मानता हूं. गोविंद नामदेव इन दिनों एनएसडी की एक वर्कशॉप के चलते सागर में है.