मुरैना जिले के कैलारस जनपद पंचायत कार्यालय में पदस्थ एक महिला भ्रत्य ने अपने ही कार्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीओ) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि सीईओ लगातार उस पर व्यक्तिगत बातचीत करने का द
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मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने शिकायत की जांच के निर्देश जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव को दिए हैं।
कौन है शिकायतकर्ता और किस पर आरोप शिकायत करने वाली महिला कर्मचारी का नाम हेमलता जाटव, निवासी टेंटरा, हैजो वर्तमान में कैलारस जनपद पंचायत कार्यालय में भृत्य के पद पर कार्यरत है। महिला ने अपने आवेदन में कार्यालय के सीईओ रामपाल करजरे पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में क्या-क्या लगाए आरोप कलेक्टर को सौंपे गए लिखित आवेदन में महिला भ्रत्य ने कहा है कि
- सीईओ उस पर रोज़ाना शाम को व्यक्तिगत बातचीत करने का दबाव बना रहे हैं।
- बात न मानने पर गंदी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।
- बिना किसी गलती के कारण बताओ नोटिस दिए जा रहे हैं।
- यह कहा जाता है कि “मेरी बात मानोगी तभी इस कार्यालय में नौकरी कर पाओगी।
- पूरे व्यवहार से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित और टॉर्चर किया जा रहा है।
महिला का कहना है कि यह सब उसके आत्मसम्मान और कार्यस्थल की गरिमा के खिलाफ है।
सीईओ ने आरोपों को बताया बेबुनियाद मामले में कैलारस जनपद पंचायत के सीईओ रामपाल करजरे ने महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है।सीईओ का कहना है कि—
- महिला कर्मचारी से केवल कार्य ठीक से करने के लिए कहा गया था
- उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई ठोस प्रमाण नहीं है
- यह मामला अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।
कलेक्टर ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि महिला कर्मचारी द्वारा शिकायत प्राप्त हुई है। मामले को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव को जांच सौंपी गई है।कलेक्टर ने कहा कि “जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है। प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।अब देखना होगा कि जिला पंचायत सीईओ की जांच में महिला कर्मचारी के आरोप सही पाए जाते हैं या नहीं, और इसके बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।