शीतलहर से गाय-भैंस को कैसे बचाएं? एक्सपर्ट से जान लें ये देसी तरीका, नहीं तो बाद में खर्च करना पड़ेगा खूब पैसा

शीतलहर से गाय-भैंस को कैसे बचाएं? एक्सपर्ट से जान लें ये देसी तरीका, नहीं तो बाद में खर्च करना पड़ेगा खूब पैसा


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Winter Animal Care Tips: डॉक्टरों का कहना है कि खासकर भैंसें ठंड जल्दी पकड़ लेती हैं. शीतलहर के दौरान उनका बॉडी टेंपरेचर काफी कम हो जाता है, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित होता है. इसलिए…

Winter Animal Care Tips: मध्य प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है. उत्तर भारत की बर्फीली हवाएं प्रदेश सहित जिले को भी अपनी चपेट में ले चुकी हैं. खरगोन में हालात ऐसे हैं कि इंसानों के साथ-साथ पशु भी ठिठुरन महसूस कर रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि शीतलहर का समय पशुपालकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है. अगर सावधानी नहीं बरती गई तो गाय-भैंस के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ेगा और दूध उत्पादन में भी कमी आ सकती है.

खरगोन के वेटनरी असिस्टेंट सर्जन डॉ. खेमेंद्र रोकड़े बताते हैं कि जैसे मौसम बदलने पर मनुष्य बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं, वैसे ही पशुओं पर भी इसका असर पड़ता है. ठंड बढ़ने के साथ गाय, बैल और भैंस में सर्दी-जुकाम, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी जैसी शिकायतें बढ़ जाती हैं. इसलिए सबसे जरूरी है कि पशुओं को खुले में न बांधें. उन्हें ऐसे बाड़े में रखें जहां हवा सीधे न लगे और मिट्टी का फर्श भी ठंडा न हो.

सर्दियों में पशुओं की देखभाल कैसे करे?
डॉक्टरों का कहना है कि खासकर भैंसें ठंड जल्दी पकड़ लेती हैं. शीतलहर के दौरान उनका बॉडी टेंपरेचर काफी कम हो जाता है, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित होता है. इसलिए पशुओं को गीली जगह या खुले शेड में रखने से बचें. रात के समय दरवाजे और खिड़कियां ढककर रखें, ताकि ठंडी हवाएं अंदर न जाएं. पशुओं के शरीर को गर्म बनाए रखने के लिए उन्हें बोरी या मोटे कपड़े से ढंकना भी जरूरी है.

ठंड में पशुओं को क्या खिलाएं
विशेषज्ञ बताते हैं कि पशुओं के आहार में भी ठंड के अनुसार बदलाव करना जरूरी है. सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए पशुओं को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत पड़ती है. ऐसे में उनके खाने में हरा चारा, मिनरल मिक्सचर, भूसा, दाना, गुड़ और दलहनों का चूरा शामिल करना चाहिए. गुड़ से बनी खुराक पशु को ऊर्जा देती है और पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाती है.

जर्दी में पशुओं की बीमारी कैसे पहचाने?
साथ ही पशुओं को गुनगुना पानी पिलाना चाहिए, ताकि उनका शरीर गर्म रहे और पानी की कमी न हो. सर्दी के मौसम में कई बार पशु खाना कम कर देते हैं या पूरी तरह छोड़ देते हैं. यह बीमारी का पहला लक्षण भी हो सकता है. इसलिए पशुपालकों को समय-समय पर वेटनरी डॉक्टर से जांच कराते रहना चाहिए. नियमित जांच से बीमारी शुरुआत में ही पकड़ में आ जाती है और उपचार आसान हो जाता है.

जानवरों के लिए कैसे बनाएं गर्म स्वेटर?
वहीं, गाय-भैंस को ठंड से बचाने के लिए महंगे कवर खरीदने की जरूरत नहीं है. घर में मौजूद पुराने टाट के बोरे, ऊनी कंबल, पुराने स्वेटर या मोटे कपड़े की सहायता से भी पशुओं के लिए गर्म कवर तैयार किया जा सकता है. बोरे के ऊपरी हिस्से में गर्दन के लिए गोल कट लगाएं और दोनों तरफ रस्सी लगाकर इसे पहनाने लायक बना लें. यह बिल्कुल जैकेट की तरह काम करेगा. इससे पशु का शरीर गर्म रहता है और शीतलहर का असर उस पर कम होता है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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