मध्य प्रदेश सरकार जहां गायों के संरक्षण पर करोड़ों रुपए खर्च करने का दावा करती है, वहीं कटनी जिले की बरही तहसील के ताली रोहनिया स्थित नंदगोपाल गौशाला में गायों की स्थिति दयनीय बनी हुई है।
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गौशाला के संचालन में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही सामने आई है। मवेशियों को न तो पर्याप्त आहार मिल रहा है और न ही मूलभूत सुविधाएं। इसके परिणामस्वरूप, गायों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, नंदगोपाल गौशाला का संचालन वर्ष 2013 से एक समूह द्वारा किया जा रहा है। यह गौशाला नदी किनारे अस्थाई रूप से बने छोटे कमरों में संचालित हो रही है, जो नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।
नदी किनारे बने छोटे कमरों में संचालित हो रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह समूह बेखौफ होकर काम कर रहा है। मवेशियों की देखरेख पूरी तरह से अव्यवस्थित है, जिससे पोषण और सुविधाओं के अभाव में गायें लगातार बीमार हो रही हैं।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब सरकारी दस्तावेजों में इस गौशाला में 500 मवेशियों को रखा जाना दर्शाया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि हकीकत में गौशाला में नाम मात्र के मवेशी ही मौजूद हैं।