राजा बुंदेला ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी है।
खजुराहो का 11वां अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (KIFM) 16 से 22 दिसंबर तक शुरू हो रहा है। इस बार का महोत्सव एक्टर धर्मेंद्र और असरानी को समर्पित है। इस आयोजन के मुखिया और प्रयास प्रोडक्शन के प्रमुख राजा बुंदेला ने भास्कर से खुलकर बात की। उन्होंने बताया
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सवाल 1: इस बार के कार्यक्रम में क्या खास होगा? 11 साल की आपकी मेहनत है यह।
जवाब: देखिए, इस बार हमने फेस्टिवल को बिल्कुल नया रूप देने का फैसला किया है। हमने इसका नाम ही ‘सिनेमा ही सिनेमा’ रखा है। पहले हम इसे थोड़ा मनोरंजन के हिसाब से करते थे ताकि अधिक से अधिक लोग जुड़ें, लेकिन अब हमारा सपना है कि इसे सचमुच सिनेमा का मंच बनाएं। हमारा पूरा जोर इस बात पर है कि यहां सिर्फ सिनेमा की बात हो और हम बच्चों को सिनेमा की बारीकियां सिखा सकें।
इसके लिए हमने तीन बहुत जरूरी काम किए हैं। लगभग 15 देशों से 30 के आस-पास विदेशी मेहमान आ रहे हैं, जिनकी बेहतरीन फिल्में दिखाई जाएंगी।
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के 12 टॉप जूरी मेंबर—जो अपने-आप में अनुभवी सिनेमैटोग्राफर, डायरेक्टर, एक्टर और लेखक हैं—5 से 7 दिन हमारे साथ रहेंगे। हम उनसे पूछेंगे कि हम कहां कमी कर रहे हैं और खजुराहो फेस्टिवल को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं।
पहली बार, बड़े OTT प्लेटफॉर्म्स के प्रतिनिधि भी आ रहे हैं। वे यहां आकर फिल्में देखेंगे और अगर उन्हें कोई फिल्म अच्छी लगी, तो वे मौके पर ही डील फाइनल कर सकते हैं।
हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी चर्चा के लिए एक कैंप लगा रहे हैं, ताकि हम इसके अच्छे और बुरे प्रभावों पर बात कर सकें।
शाम को 7 बजे तक तो हमारे लोकल कलाकार अपनी कला दिखाएंगे, और उसके बाद मुंबई के कलाकार लोगों का मनोरंजन करेंगे।
सवाल 2: 7 दिन के इस कार्यक्रम में कौन-कौन बड़े नाम आ रहे हैं? शुरुआत और आखिरी दिन कौन रहेगा?
जवाब: फेस्टिवल की शुरुआत हम 16 तारीख को सुबह 11 बजे अनुपम खेर की फिल्म दिखाकर करेंगे। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी आ रहे हैं, वह हमारे साथ फिल्म देखेंगे और इस पर चर्चा भी होगी। कलाकारों की बात करें तो, नाना पाटेकर, अनुपम खेर, राज बब्बर, सौरभ शुक्ला, सुष्मिता मुखर्जी, राजेंद्र गुप्ता और ऋतुपर्णो सेन जैसे बड़े चेहरे आ रहे हैं। और हां, फेस्टिवल का आखिरी दिन यानी 22 तारीख को हेमा मालिनी जी यहां होंगी।
राजा बुंदेला ने भास्कर रिपोर्टर गौरव मिश्रा से बातचीत की।
सवाल 3: आप IFFI के जूरी मेंबर रहे, आपका अनुभव कैसा रहा?
जवाब: जूरी का अनुभव बहुत ही शानदार रहा। हमने 400 फिल्में देखीं, जिनमें से हमें सिर्फ 40 फिल्में चुननी थीं। पूरा एक महीना सिर्फ फिल्में ही फिल्में देखीं। उसी अनुभव से मुझे लगा कि खजुराहो फेस्टिवल को भी अब गंभीरता से सिर्फ सिनेमा की बात करनी चाहिए।
मैंने देखा कि अगर आप सिनेमा को सही तरीके से करते हैं, तो पैसों की कमी नहीं होती और बड़े-बड़े कलाकार खुद आने को तैयार हो जाते हैं। जूरी मेंबर बनकर हमने पूरे हिंदुस्तान को सिनेमा के नजरिए से देखा और हम चाहते हैं कि वो अद्भुत अनुभव हम खजुराहो के लोगों को भी दें।
सवाल 4: पिछले साल फिल्म महोत्सव को लेकर जो विवाद हुआ था, उसका इस बार क्या असर पड़ा?
जवाब: (थोड़ा शांत होते हुए) देखिए, वह बच्चा है। हमें उसके जो पैसे देने हैं, हम दे देंगे। हमने उसे समझाया कि वह किनके हाथों में खेल गया। 10 साल हो गए हैं-हमें सरकार से पैसा मिलता है, हम लोगों को देते हैं। हमारे जितने भी लेनदार-देनदार हैं, हमने न किसी को बदला है और न ही किसी ने हमें बदला है। तो सब ठीक है। अच्छी चीजों के साथ कभी-कभी आपको कुछ कड़वी चीज़ें भी झेलनी पड़ती हैं। जैसे अगर हाथ में चोट लग जाए तो हाथ थोड़ी काटेंगे, उसे भी ठीक करेंगे। सब ठीक हो जाएगा, जनता का साथ हमें मिला है।
सवाल 5: इंडिगो फ्लाइट्स को लेकर आपको क्या परेशानी हो रही थी?
जवाब: हां, यह बड़ी दिक्कत थी। सारे कलाकारों ने मना कर दिया था। उनका कहना था, “फ्लाइट लगातार नहीं हैं, हम नहीं आ रहे हैं।” उन्हें डर था कि कहीं वे एयरपोर्ट पर या खजुराहो में अटक न जाएं। अनुपम खेर, नाना पाटेकर, सौरभ शुक्ला जैसे कई बड़े कलाकारों के मैनेजरों ने साफ मना कर दिया था। लेकिन, हमारे सीए ने इंडिगो के रीजनल मैनेजर से बात की, तो उन्होंने बताया कि हमारी छोटी उड़ानों पर असर नहीं हुआ है, बल्कि जो मेन सेक्टर (दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता) हैं, वहां दिक्कत हुई है।
सवाल 6: आपने 7 एक्स्ट्रा इनोवा गाड़ियां क्यों बुक की हैं?
जवाब: 4 इनोवा तो हमने विदेशी मेहमानों के लिए बुक की हैं। दो गाड़ियां हमने अनुपम खेर, भाग्यश्री वगैरह के लिए रखी हैं, और एक इनोवा हमने यहां के टूरिज्म हेड के लिए बुक की है, ताकि वह हमें सही से गाइड कर सकें। पिछले अनुभवों में कई बार ऐसा हुआ कि मेहमान यहां से नाराज होकर गए, और जब वह बाहर यह बात बताते हैं, तो हमें नुकसान होता है। इसलिए इस बार हमने आसपास के अच्छे होटल भी बुक किए हैं, पिछली बार बहुत ही अव्यवस्था थी।
सवाल 7: सरकार से आपको क्या बड़ी मदद मिली है?
जवाब: मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार ने हमें बहुत सपोर्ट किया है, खासकर कल्चर सचिव विवेक अग्रवाल और आईएनवी सचिव संजय जाझू ने। उन्होंने यह घोषणा कर दी है कि आप यहां पर दो थिएटर बनवाइए। दो थिएटर बनवाने के लिए ये दोनों डिपार्टमेंट पैसे और जमीन दे रहे हैं। अब हम कोशिश कर रहे हैं कि कोई अच्छा ठेकेदार मिले जो दो मल्टीप्लेक्स बना सके। यह खजुराहो के लिए एक बहुत बड़ी सौगात है।