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Blind Cricket Match: ब्लाइंड क्रिकेट के 11 प्लेयर तीन भागों में बटे हुए होते हैं B1 और B2 और B3. जहां मेडिकल सर्टिफिकेट के माध्यम से डिसाइड होता है. जहां B1 पूरी तरह ब्लाइंड होते हैं, B2 जिन्हें 2 से 3 मीटर तक दिखाई देता है और B3 जो 6 से लेकर 9 मीटर तक देख सकते हैं. 11 प्लेयर्स में B1 के चार प्लेयर, B2 के चार प्लेयर्स और B3 के तीन प्लेयर्स खिलाना कंपलसरी होता है. इसके अलावा नॉर्मल क्रिकेट की तरह ही बाकी नियम होते हैं.
Blind Cricket Rules: क्रिकेट को आपने देखा होगा और खेला भी होगा लेकिन, क्या आपने कभी सुना है कि एक ऐसा क्रिकेट जहां एक रन दौड़ने पर दो रन मिल जाते हैं. पिच के बीच में सेंट्रल लाइन होती हो, बॉल फेंकने से पहले बोलर प्ले बोलता हो… यदि ऐसा नहीं हुआ तब बॉल को नो बॉल करार दे दिया जाता हो. जी हां यही कुछ क्रिकेट के नियम है, लेकिन यह नॉर्मल क्रिकेट के नियम नहीं बल्कि यह है ब्लाइंड क्रिकेट के नियम है.
ब्लाइंड क्रिकेट के नियम सुनकर आपको जरूर दिलचस्पी होगी, चलिए जानते हैं आखिर ब्लाइंड क्रिकेट के नियम क्या होते है और नॉर्मल क्रिकेट से किस तरीके से यह ब्लाइंड क्रिकेट डिफरेंट होता है. हालांकि कुछ नियम नॉर्मल क्रिकेट से ही ब्लाइंड क्रिकेट के मिलते है… आईए जानते हैं ब्लाइंड क्रिकेटर ओपी पाल से किस तरीके से ब्लाइंड क्रिकेट के नियम होते है.
ओवर आर्म नहीं अंडर आर्म होती है बोलिंग
लोकल 18 से बातचीत करते हुए ओमप्रकाश पाल ने बताया ब्लाइंड क्रिकेट में ओवर आर्म नहीं बल्कि अंडर आर्म बोलिंग होती है. जहां बॉल जमीन से लुढ़ककर जाती है. यह बोल सफेद रंग की होती है, जिसमें छर्रे होते हैं, जो साउंड करती है. ब्लाइंड क्रिकेट में बॉलर बॉल फेंकने से पहले बैट्समैन से रेडी बोलकर पूछता है. यदि बैट्समैन रेडी है, तब बैट्समैन यश रिप्लाई करता है, तभी बॉलर बॉल कर सकता है और बॉल छोड़ने से पहले प्ले बोलता है. यदि ऐसा नहीं होता है तब नो बॉल करार दी जाती है. इतना ही नहीं पिच के सेंट्रल में भी एक लाइन होती है. जिसके पार ही बॉलर को बॉल फेंकना होता है.
टीम में तीन कैटिगरी के होते हैं प्लेयर
ब्लाइंड क्रिकेट में तीन कैटेगरी के प्लेयर होते हैं. B1, B2 और B3 जिन्हें उनकी ब्लाइंड क्षमता के आधार पर बांटा जाता है. B1 प्लेयर यदि बैटिंग करने जाता है, तब एक रन के दो रन, दो रन के चार रन मतलब डबल काउंट रन B1 के प्लेयर को दिए जाते हैं. B1 के प्लेयर को रनर मिलता है क्योंकि वह देख नहीं पाते. इतना ही नहीं यदि 20 ओवर का मैच है, तब B1 मतलब टोटल ब्लाइंड प्लेयर को आठ ओवर फेकने ही होते हैं मतलब टोटल ओवर्स के 40 प्रतिशत.
11 खिलाड़ियों में इस तरह बटे होते हैं प्लेयर
ब्लाइंड क्रिकेट के 11 प्लेयर तीन भागों में बटे हुए होते हैं B1 और B2 और B3. जहां मेडिकल सर्टिफिकेट के माध्यम से डिसाइड होता है. जहां B1 पूरी तरह ब्लाइंड होते हैं, B2 जिन्हें 2 से 3 मीटर तक दिखाई देता है और B3 जो 6 से लेकर 9 मीटर तक देख सकते हैं. 11 प्लेयर्स में B1 के चार प्लेयर, B2 के चार प्लेयर्स और B3 के तीन प्लेयर्स खिलाना कंपलसरी होता है. इसके अलावा नॉर्मल क्रिकेट की तरह ही बाकी नियम होते हैं.