सतना. मध्य प्रदेश के सतना जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है बल्कि आपातकालीन सेवाओं की जमीनी हकीकत भी उजागर करता है. 108 एम्बुलेंस जैसी जीवनरक्षक सेवा, जिसे संकट के समय सहारा माना जाता है, वहां एक घायल मरीज की हालत से ज्यादा गाड़ी की सफाई को प्राथमिकता दिए जाने का आरोप लगा है. वायरल हुए वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को सार्वजनिक कर दिया है. जिसके बाद प्रशासन और एम्बुलेंस संचालन एजेंसी हरकत में आई है. मिली जानकारी के मुताबिक, एम्बुलेंस जब घायल मरीज को लेकर जिला अस्पताल सतना पहुंची, तो वाहन में मरीज को हुई उल्टी के छींटे लगे हुए थे. आरोप है कि एम्बुलेंस चालक ने मरीज की पत्नी से गाड़ी में लगी गंदगी साफ करने को कहा. मजबूरी में महिला को डिब्बे में पानी लाकर कपड़े से एम्बुलेंस साफ करनी पड़ी. यह दृश्य वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक महिला एम्बुलेंस के पास खड़ी होकर गाड़ी साफ कर रही है. जैसे ही एम्बुलेंस चालक को वीडियो बनाए जाने की जानकारी हुई, वह मौके से नदारद हो गया. इस घटना ने न सिर्फ आम लोगों में आक्रोश पैदा किया बल्कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए.
स्वास्थ्य विभाग ने मांगा जवाब
मामले के सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज शुक्ला ने 108 एम्बुलेंस का संचालन करने वाली एजेंसी जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेस (जयेस) के जिला को-ऑर्डिनेटर से जवाब तलब किया है. वीडियो वायरल होने के बाद एजेंसी ने एम्बुलेंस पायलट मनोज पटेल की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से होल्ड कर दी है. साथ ही पायलट से लिखित स्पष्टीकरण भी लिया गया है.
दरअसल मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबूपुर गांव के पास एक सड़क हादसे में कमलेश रावत घायल हो गए थे. उन्हें 108 एम्बुलेंस क्रमांक CG04 NS 2488 से पहले रामनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया. सतना लाते समय घायल को उल्टियां होने लगीं, जिससे वाहन में गंदगी फैल गई.
ड्राइवर, एमटी और परिजनों की अलग-अलग सफाई
एम्बुलेंस पायलट मनोज पटेल का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद वह मरीज को वार्ड में भर्ती कराने चला गया था और उसे नहीं पता कि गाड़ी साफ करने के लिए किसने कहा. वहीं एम्बुलेंस की मेडिकल टेक्नीशियन शिवानी कुशवाहा ओपीडी में मरीज की पर्ची बनवा रही थी. दूसरी ओर घायल की पत्नी मंजू रावत ने एक वीडियो में कहा कि किसी ने दबाव नहीं डाला था और उन्होंने अपनी मर्जी से गाड़ी में लगी गंदगी साफ की थी.
जांच के बाद साफ होगी सच्चाई
हालांकि वीडियो में दिखी तस्वीरें कई सवाल खड़े करती हैं. अब इस पूरे मामले की जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वास्तव में लापरवाही किस स्तर पर हुई. फिलहाल यह घटना आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता और जवाबदेही की सख्त जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है.