किसान भाई चुपके से खेतों में लगा दें ये सब्जियां, ताबड़तोड़ होगी कमाई, नए साल में बन जाएंगे मालामाल!

किसान भाई चुपके से खेतों में लगा दें ये सब्जियां, ताबड़तोड़ होगी कमाई, नए साल में बन जाएंगे मालामाल!


Last Updated:

Agriculture: सर्दियों में हरी पत्तेदार सब्जियों की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा है. दिसंबर-जनवरी में बोई गई पालक, सरसों, मेथी और धनिया मार्च में बढ़ी मांग के साथ अच्छे दाम दिलाकर किसानों की आमदनी बढ़ाती हैं. कम लागत में जल्दी तैयार होने वाली इन फसलों से किसान तुरंत कमाई शुरू कर सकते हैं.

Sidhi News: मध्य प्रदेश के किसान भाइयों के लिए दिसंबर और जनवरी का महीना खेती के लिहाज से बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. खासतौर पर पत्तेदार सब्जियों की खेती इस समय किसानों को कम लागत में दोगुना मुनाफा दिला सकती है. अगर किसान पुराने साल में खेत की सही तैयारी कर बीज बो कर नर्सरी तैयार कर लेते हैं, तो नए साल की शुरुआत अच्छी आमदनी के साथ हो सकती है.

किसान सलाहकार मनसुख लाल कुशवाहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि भीषण ठंड के मौसम में पालक, मेथी, सरसों साग, हरा धनिया, लहसुन पत्ती और चुकंदर पत्ती जैसी सब्जियां तेजी से बढ़ती हैं. ठंडा मौसम इन फसलों के लिए अनुकूल माना जाता है, क्योंकि कम तापमान में इनकी बढ़वार अच्छी होती है और कीट रोग का प्रकोप भी कम रहता है.

ये सब्जियां देंगी अच्छा मुनाफा
पत्तेदार सब्जियों की सबसे बड़ी बात यह है कि ये बहुत कम समय में तैयार हो जाती हैं. सामान्य तौर पर 20 से 25 दिन में फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है, जिससे किसान जल्दी बाजार में सब्जी बेचकर नकद आमदनी हासिल कर सकता है. बाजार में सर्दियों के दौरान इन सब्जियों की मांग काफी अधिक होती है.

लगा दें ये पत्तेदार सब्जियां
मनसुख लाल कुशवाहा ने बताया कि इस समय किसान पालक, मेथी, हरा धनिया और पत्ता गोभी की खेती कर सकता है. ये ऐसी सब्जियां हैं जिनकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है. पालक, मेथी और धनिया का इस्तेमाल लगभग हर घर में किया जाता है, वहीं पत्ता गोभी भी कई तरह के खान पान में काम आती है. सर्दियों में इन सब्जियों के अच्छे दाम मिलने से किसानों को सीधा लाभ होता है.

किसान इन किस्मों की करें बुवाई
मनसुख लाल कुशवाहा ने बताया कि अधिक उत्पादन के लिए उन्नत किस्मों का चयन बेहद जरूरी है. अगर किसान पालक की खेती कर रहे हैं, तो पूसा भारती किस्म की बुवाई करें, जो 500 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देने में सक्षम है. मेथी के लिए पूसा अर्ली बंचिंग किस्म उपयुक्त मानी जाती है, जिससे 100 से 120 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन मिल सकता है. हरा धनिया की सीएस 2 किस्म से 1 हेक्टेयर में करीब 1400 किलोग्राम हरी पत्तियों का उत्पादन होता है. वहीं पत्ता गोभी के लिए पूसा अगेती किस्म की रोपाई करें, जो 380 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार देती है.

About the Author

Vibhanshu Dwivedi

विभांशु द्विवेदी मूल रूप से मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के रहने वाले हैं. पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय रायपुर से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. पॉलिटिक…और पढ़ें

homeagriculture

किसान भाई चुपके से खेतों में लगा दें ये सब्जियां, ताबड़तोड़ होगी कमाई



Source link