घरेलू इलाज कब काफी और कब तुरंत डॉक्टर जरूरी? जानिए ततैया के डंक के खतरे

घरेलू इलाज कब काफी और कब तुरंत डॉक्टर जरूरी? जानिए ततैया के डंक के खतरे


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Tips and Trics : ततैया के काटने से सिर्फ दर्द होता है, जिसे घरेलू इलाज से ही ठीक हो सकती है लेकिन कई बार मामले गंभीर हो जाते हैं. ऐसे में कभी एलर्जी की समस्या हो सकती है. ऐसे में कभी लापरवाही नहीं करना चाहिए. इसलिए ततैया के काटने पर तुरंत बेहतर इलाज करना चाहिए. ऐसे में इसके काटने से होने वाले दुष्प्रभाव से बचा जा सके. 

अक्सर ऐसा होता है कि जब कोई कीट काट ले, तो हमें वह सामान्य सा लगता है. कई बार मसला इतना गंभीर हो जाता है कि नुकसान सहना मुश्किल हो जाता है. दरअसल, एक ऐसा ही कीट है जिसके काटने पर दर्दनाक अनुभव होता है. मधुमक्खी के डंक से अलग है ततैया का डंक. मधुमक्खी जब काटती है, तो उसका डंक शरीर में छूट जाता है. वहीं, ततैया का डंक नहीं टूटता और वह लगातार वार करता है. ततैया के डंक में एक जहरीला रसायन होता है, जिससे तेज दर्द, जलन, लालिमा और सूजन आ जाती है.

ततैया के काटने से सिर्फ दर्द होता है, जिसे घरेलू इलाज से ही ठीक हो सकती है लेकिन कई बार मामले गंभीर हो जाते हैं. ऐसे में कभी एलर्जी की समस्या हो सकती है. ऐसे में कभी लापरवाही नहीं करना चाहिए. इसलिए ततैया के काटने पर तुरंत बेहतर इलाज करना चाहिए. ऐसे में इसके काटने से होने वाले दुष्प्रभाव से बचा जा सके. 

ततैया के काटने से सिर्फ दर्द होता है, जिसे घरेलू इलाज से ही ठीक हो सकती है लेकिन कई बार मामले गंभीर हो जाते हैं. ऐसे में कभी एलर्जी की समस्या हो सकती है. ऐसे में कभी लापरवाही नहीं करना चाहिए. इसलिए ततैया के काटने पर तुरंत बेहतर इलाज करना चाहिए. ऐसे में इसके काटने से होने वाले दुष्प्रभाव से बचा जा सके.

अगर आपको ततैया डंक मारता है, तो उंगली या चिमटी से निकालने की कोशिश न करें. इससे डंक वाली जगह से जहर बाहर आ सकता है. इसके बजाय हार्ड कार्ड जैसे एटीएम से डंक वाली जगह को खुरचकर निकाल दें. इसके बाद साबुन और ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें. इससे जहर नहीं फैलेगा और इंफेक्शन का खतरा कम हो जाएगा. 

अगर आपको ततैया डंक मारता है, तो उंगली या चिमटी से निकालने की कोशिश न करें. इससे डंक वाली जगह से जहर बाहर आ सकता है. इसके बजाय हार्ड कार्ड जैसे एटीएम से डंक वाली जगह को खुरचकर निकाल दें. इसके बाद साबुन और ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें. इससे जहर नहीं फैलेगा और इंफेक्शन का खतरा कम हो जाएगा.

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दर्द और सूजन को तत्काल कम करने के लिए आप बर्फ का इस्तेमाल करना चाहिए. बर्फ को एक साफ कपड़े में बर्फ के टुकड़ों को लपेटना है. फिर डंक वाली जगह पर 10 से 15 मिनट रखे. इससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती है और सूजन भी कम हो जाती है. 

दर्द और सूजन को तत्काल कम करने के लिए आप बर्फ का इस्तेमाल करना चाहिए. बर्फ को एक साफ कपड़े में बर्फ के टुकड़ों को लपेटना है. फिर डंक वाली जगह पर 10 से 15 मिनट रखे. इससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती है और सूजन भी कम हो जाती है.

सिरका और नींबू एसिडिक नेचर का होता है,ऐसे में ये जहर के असर को धीमा को कर देता है. बेकिंग सोडा में न्यूट्रलाइजिंग का काम करता है, जो जहर के पीएच के लेवल को कम करता है. अगर दर्द ज्यादा हो तो आप लहसुन का पेस्ट लगा सकते हैं. इसके अलावा तुलसी, प्याज, एलोवेरा जेल और टूथपेस्ट भी लगा सकते हैं. 

सिरका और नींबू एसिडिक नेचर का होता है,ऐसे में ये जहर के असर को धीमा को कर देता है. बेकिंग सोडा में न्यूट्रलाइजिंग का काम करता है, जो जहर के पीएच के लेवल को कम करता है. अगर दर्द ज्यादा हो तो आप लहसुन का पेस्ट लगा सकते हैं. इसके अलावा तुलसी, प्याज, एलोवेरा जेल और टूथपेस्ट भी लगा सकते हैं.

कभी-कभी घरेलू नुस्खों से आराम नहीं होता. और कुछ लक्षण सामने आ जाते हैं. अगर सांस लेने में कठिनाई आए, चक्कर जैसा महसूस हो. शरीर पर चकत्ते दिखे. उल्टी या दस्त होने लगे या फिर सूजन बहुत बढ़ जाए. ये गंभीर एलर्जी के लक्षण है, जिससे आपकी जान पर भी बात आ सकती है. ऐसी स्थिति में लापरवाही बिल्कुल न बरते, आपको तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए. और उन्हीं की सलाह पर इलाज करवाना चाहिए.

कभी-कभी घरेलू नुस्खों से आराम नहीं होता. और कुछ लक्षण सामने आ जाते हैं. अगर सांस लेने में कठिनाई आए, चक्कर जैसा महसूस हो. शरीर पर चकत्ते दिखे. उल्टी या दस्त होने लगे या फिर सूजन बहुत बढ़ जाए. ये गंभीर एलर्जी के लक्षण है, जिससे आपकी जान पर भी बात आ सकती है. ऐसी स्थिति में लापरवाही बिल्कुल न बरते, आपको तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए. और उन्हीं की सलाह पर इलाज करवाना चाहिए.

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