Gol Lauki Ki Kheti: छतरपुर जिले के एक किसान की मेहनत और प्रकृति के सहयोग से उगी देसी गोल लौकी इन दिनों चर्चा का विषय है. किसान रामकिशोर दुबे ने अपने घर में देसी गोल लौकी उगाई है, जिसकी खास बात ये कि इसे उगाने में उन्होंने न तो किसी तरह की रासायनिक खाद का इस्तेमाल किया और न ही कीटनाशक का प्रयोग किया. इसके बावजूद यह लौकी उम्मीद से कहीं ज्यादा फल दे रही है.
किसान रामकिशोर दुबे बताते हैं कि उन्होंने बीती जुलाई में घर के आंगन में सिर्फ एक बीज लगाया था. उस समय उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि यही एक बीज आगे चलकर इतनी अधिक उपज देगा. आज स्थिति यह है कि यही एक पौधा रोजाना 20 से 25 लौकी दे रहा है. इतनी अधिक पैदावार होने के कारण किसान इन्हें बेचने के बजाय गांव के लोगों को मुफ्त में बांट रहे हैं.
रोज तोड़नी पड़ रही इतनी लौकी
रामकिशोर दुबे के अनुसार, अगर समय पर लौकी न तोड़ी जाए तो वह खराब हो जाती है, इसलिए हर दिन करीब 20 लौकी तोड़नी पड़ती है. वे कहते हैं कि लौकी तो वे हर साल लगाते हैं, लेकिन इस बार की पैदावार ने उन्हें भी हैरान कर दिया है. घर-घर जाकर लौकी बांटना अब उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या बन गई है.
10 महीने आते हैं फल
किसान बताते हैं कि यह देसी किस्म की गोल लौकी है, जो आकार में लंबी नहीं बल्कि गोल होती है. इस लौकी की एक और खासियत है कि यह केवल 4-6 महीने नहीं, बल्कि लगभग 10 महीने तक लगातार फल देती रहती है. ठंड हो या गर्मी, हर मौसम में इसमें फल आते रहते हैं. एक लौकी का वजन करीब 4 से 5 किलो तक होता है और अभी जो लौकी तोड़ी जा रही है, वह पूरी तरह से विकसित भी नहीं है. आने वाले दिनों में इसका आकार और बड़ा होने की संभावना है.
गोल लौकी ही बढ़िया…
छतरपुर नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. कमलेश अहिरवार बताते हैं कि बाजार में लौकी की मुख्य रूप से दो किस्में पाई जाती हैं, गोल लौकी और लंबी लौकी. गोल लौकी को देसी लौकी भी कहा जाता है, जिसकी किस्म ‘नरेन्द्र माधुरी’ है, जबकि लंबी लौकी की किस्म ‘शिवानी माधुरी’ मानी जाती है. गोल लौकी जल्दी गल जाती है और इसकी सब्जी बेहद मुलायम और स्वादिष्ट बनती है. वहीं लंबी लौकी कई बार हाईब्रिड भी हो सकती है. इसलिए बाजार में अगर गोल और लंबी लौकी दोनों उपलब्ध हों, तो गोल लौकी को प्राथमिकता देनी चाहिए.
लौकी खाने के इतने फायदे
पोषण की दृष्टि से भी लौकी बेहद फायदेमंद है. इसमें विटामिन सी, विटामिन बी, विटामिन ए और विटामिन ई के साथ आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और फास्फोरस जैसे खनिज तत्व पाए जाते हैं. फाइबर और पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह पाचन तंत्र को मजबूत करती है. लौकी खाने से पेट साफ रहता है, वजन नियंत्रित होता है, ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहता है और लिवर के लिए भी यह लाभकारी मानी जाती है.